फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   inspection of the Medicare Center, investigations into allegations in hathras

मेडिकेयर सेंटर का निरीक्षण, आरोपों की हुई जांच

Thu, 13 Jul 2017 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस। 
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।  Updated Thu, 13 Jul 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
inspection of the Medicare Center, investigations into allegations in hathras
अस्‍पपताल - फोटो : amar Ujala
सीएम और जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत पर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुरसान गेट स्थित संजीवनी मेडीकेयर सेंटर का निरीक्षण किया। टीम ने शिकायती पत्र में लगाए गए सभी आरोपों की बारीकी से जांच की।      
विज्ञापन


एसीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि मुुरसान के रामप्रकाश ने सीएम आदित्यनाथ योगी से पत्र के जरिए की गई शिकायत में आरोप लगाए थे कि मुरसान ब्लॉक की पीएचसी पर संविदा पर कार्यरत डॉक्टर ड्यूटी से गैरहाजिर रहकर संजीवनी हॉस्पिटल चलाकर निजी प्रेक्टिस कर लाखों कमाता है।
विज्ञापन

यह डॉॅक्टर सिर्फ बीएएमएस है, फिर भी गाइनोकॉलोजी हॉस्पिटल चलाता है। यह हॉस्पिटल एकांत में होने के कारण भ्रूण परीक्षण का जिले का सबसे बड़ा केंद्र है, जिसमें आसपास कार्यरत आशाएं प्रति मरीज पांच हजार रुपये के कमीशन पर मरीजों को भर्ती कराती हैं। यहां जांच की फर्जी लैब चलाकर जनता का आर्थिक दोहन किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को हर महीने लाखों की चौथ देकर डॉक्टर ने अपनी संविदा नियुक्ति निजी हॉस्पिटल से सिर्फ 10 किमी की दूरी पर करा ली है, सहित कई तरह के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा संदीप मोहन के नाम के एक व्यक्ति ने भी ईमेल के जरिए इस हॉस्पिटल की शिकायत की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिकायत में आरोप है कि यह हॉस्पिटल बिना किसी परमानेंट योग्य डॉक्टर के संचालित हो रहा है। नर्सिंग स्टाफ भी क्वालीफाइड नहीं है। एंबुलेंस, टॉयलेट व वॉशरूम की व्यवस्था भी नहीं है। शिकायतकर्ता ने अन्य कई आरोप लगाए हैं। इन शिकायतों की जांच करने के लिए सीएमओ के निर्देश पर एसीएमओ प्रतिरक्षण डॉ. विजेंद्र सिंह और एसीएमओ डॉ. डीके अग्रवाल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की और जरूरी तथ्य एकत्रित किए। एसीएमओ डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ताओं के आरोपों की जांच कर ली गई है। अब एक शिकायतकर्ता को ईमेल के जरिए भेजे गए साक्ष्यों के साथ तीन दिन में सीएमओ दफ्तर में उपस्थित होने को कहा गया है, जबकि दूसरे का पता शिकायती पत्र में अधूरा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed