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जिले में भी बनाई और खपाई जाती है नकली शराब
Wed, 29 May 2019 11:55 PM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Wed, 29 May 2019 11:55 PM IST
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शराब की दुकानों की चेकिंग करते जिला आबकारी अधिकारी व अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। बाराबंकी में जहरीली शराब पीने से जिस तरह से मौतें हुई हैं, वैसी घटना इस जिले में भी हो सकती है। इस जिले में भी कई स्थानों पर अवैध शराब बनाई जाती है और कई बार अवैध शराब की भट्ठियां पकड़ी भी गई हैं। हालांकि समय-समय पर छापामार कार्रवाई तो आबकारी विभाग और प्रशासन करता है, फिर भी अवैध शराब बनाने और बेचने वालों पर आज तक प्रभावी लगाम नहीं लग पाई है। इस धंधे से जुड़े माफिया का धंधा बदस्तूर जारी है।
कई बार सिकंदराराऊ क्षेत्र में अवैध शराब की भट्ठियां पकड़ी गईं। बाहर के ब्रांडों की अवैध शराब भी यहां काफी तादाद में कई बार पकड़ी गई है और इसे नष्ट भी कराया गया है। हरियाणा की शराब बताकर यहां ढाबों पर अक्सर शराब बेची जाती है। इस शराब में देसी और अंग्रेजी शराब का नकली लेबल लगाकर इसे खपाया जाता है। राजमार्ग और एनएच के किनारे के ढाबों पर यह धंधा जोरों पर होता है। चुनाव से पहले भी कई स्थानों पर अवैध शराब पकड़ी गई। अवैध शराब बनाने और बेचने वालों का क्षेत्र में बड़ा नेटवर्क है।
इसकी खपत ज्यादातर शहर से काफी दूर देहात के इलाकों में होती है। इस मिलावटी शराब में मिथाइल एल्कोहल से लेकर यूरिया, वॉशिंग पाउडर तक मिलाया जाता है। अन्य रसायन भी इसमें मिलाया जाता है। टिंचर-जिंजर की जगह इसी तरह कुट्टू भी परोसा जाता है। मौत का यह सामान कई बार पकड़ में भी आया है, लेकिन जहरीली शराब बनाने और उसे बाहर से यहां लाकर खपाने वालों के खिलाफ चूंकि कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो इसका नेटवर्क यहां अभी बना हुआ है। ऐसे में यदि समय रहते प्रशासन न चेता तो बाराबंकी जैसी घटना इस जिले में भी हो सकती है।
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कई बार सिकंदराराऊ क्षेत्र में अवैध शराब की भट्ठियां पकड़ी गईं। बाहर के ब्रांडों की अवैध शराब भी यहां काफी तादाद में कई बार पकड़ी गई है और इसे नष्ट भी कराया गया है। हरियाणा की शराब बताकर यहां ढाबों पर अक्सर शराब बेची जाती है। इस शराब में देसी और अंग्रेजी शराब का नकली लेबल लगाकर इसे खपाया जाता है। राजमार्ग और एनएच के किनारे के ढाबों पर यह धंधा जोरों पर होता है। चुनाव से पहले भी कई स्थानों पर अवैध शराब पकड़ी गई। अवैध शराब बनाने और बेचने वालों का क्षेत्र में बड़ा नेटवर्क है।
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इसकी खपत ज्यादातर शहर से काफी दूर देहात के इलाकों में होती है। इस मिलावटी शराब में मिथाइल एल्कोहल से लेकर यूरिया, वॉशिंग पाउडर तक मिलाया जाता है। अन्य रसायन भी इसमें मिलाया जाता है। टिंचर-जिंजर की जगह इसी तरह कुट्टू भी परोसा जाता है। मौत का यह सामान कई बार पकड़ में भी आया है, लेकिन जहरीली शराब बनाने और उसे बाहर से यहां लाकर खपाने वालों के खिलाफ चूंकि कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो इसका नेटवर्क यहां अभी बना हुआ है। ऐसे में यदि समय रहते प्रशासन न चेता तो बाराबंकी जैसी घटना इस जिले में भी हो सकती है।
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