{"_id":"59cd37e94f1c1ba0538b4d7c","slug":"imam-hussain-not-yielding-to-the-oppressor","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुल्म करने वाले के आगे नहीं झुके इमाम हुसैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुल्म करने वाले के आगे नहीं झुके इमाम हुसैन
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:31 PM IST
विज्ञापन
मुहररम
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऑल इंडिया शिया सोसाइटी के बैनर तले किला गेट स्थित इमाम बारगाह हुसैनी में मुहर्रम की सातवीं तारीख पर अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस पहले शहीद ए करबला के बारे में बयान किया गया। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
जुलूस से पहले मौलाना शहनशाह हुसैन जैदी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला में इंसानियत को कायम रखने के लिए अपनी और 71 जांनिसारों की शहादत देना गवारा किया, लेकिन जालिम यजीद की बात मानने से इंकार कर दिया। यजीद जुल्म की ताकत से इंसानियत और इस्लाम को मिटाना चाहता था। हजरत साहब ने दुनिया को पैगाम दिया कि इंसानियत पर जुल्म करने वाले जालिम के आगे झुकना नहीं चाहिए।
सातवीं मुहर्रम से यजीद ने कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके बच्चों पर पानी बंद कर दिया। इंसाफ और सच्चाई के लिए अपना पूरा परिवार कुर्बान कर दिया। जालिम मिट जाते हैं और शहीद हमेशा जिंदा रहते हैं। इस अवसर हसन मोहम्मद, जाहिद हुसैन, हामिद, आबिद, रईसुल हसन, शब्बू मियां, मुबीन, सफदर, तनवीर, कमर, चांद मियां, एजाज मेहंदी, बाकर हुसैन, रिजवान, जौली, शाकिर, इमरान, शुजा मोहम्मद, बब्बू, इरफान, शेरू, सुर्खाब, लड्डन, रजा मेहंदी, ऐनुल, जीशान, तकी, साहिल, शब्बर आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जुलूस से पहले मौलाना शहनशाह हुसैन जैदी ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला में इंसानियत को कायम रखने के लिए अपनी और 71 जांनिसारों की शहादत देना गवारा किया, लेकिन जालिम यजीद की बात मानने से इंकार कर दिया। यजीद जुल्म की ताकत से इंसानियत और इस्लाम को मिटाना चाहता था। हजरत साहब ने दुनिया को पैगाम दिया कि इंसानियत पर जुल्म करने वाले जालिम के आगे झुकना नहीं चाहिए।
विज्ञापन
सातवीं मुहर्रम से यजीद ने कर्बला में हजरत इमाम हुसैन और उनके बच्चों पर पानी बंद कर दिया। इंसाफ और सच्चाई के लिए अपना पूरा परिवार कुर्बान कर दिया। जालिम मिट जाते हैं और शहीद हमेशा जिंदा रहते हैं। इस अवसर हसन मोहम्मद, जाहिद हुसैन, हामिद, आबिद, रईसुल हसन, शब्बू मियां, मुबीन, सफदर, तनवीर, कमर, चांद मियां, एजाज मेहंदी, बाकर हुसैन, रिजवान, जौली, शाकिर, इमरान, शुजा मोहम्मद, बब्बू, इरफान, शेरू, सुर्खाब, लड्डन, रजा मेहंदी, ऐनुल, जीशान, तकी, साहिल, शब्बर आदि मौजूद थे।
विज्ञापन