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Hathras News: तीस दिन में सही नहीं कराई ई स्कूटी तो देने होंगे 84 हजार
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इलेक्ट्रिक स्कूटी कंपनी को वारंटी के दौरान ई स्कूटी खराब होने पर आदेश दिया है। जारी निर्देश में कहा कि तीस दिन के अंदर स्कूटी सही कराकर ग्राहक को दें, अन्यथा कीमत का तीस प्रतिशत हिस्सा काटकर शेष 84 हजार रुपये वापस करने होंगे।
मुरसान के गांव गोजिया निवासी कृष्ण कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के समक्ष परिवाद दाखिल किया था। इसमें कहा कि उसने एक कंपनी से ई स्कूटी प्रचार-प्रसार से प्रभावित होकर नौ फरवरी 2024 को खरीदी थी। इसमें बैटरी की वारंटी आठ साल थी। उन्होंने बताया कि प्राप्त होने के बाद स्कूटी ने करीब तीन दिन तक तो सही कार्य किया। उसके बाद खराब हो गई।
बैटरी ने कार्य करना बंद कर दिया। टोल फ्री नंबर पर इसकी शिकायत की। सर्विस सेंटर से आए कर्मचारी दस अक्टूबर को स्कूटी को अपने साथ आगरा स्थित सर्विस सेंटर ले गए। तब से स्कूटी वहीं खड़ी है। बताया जा रहा है कि स्कूटी के पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। कृष्ण कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के समक्ष परिवाद दाखिल किया। सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार सदस्य कृष्ण प्रभाकर उपाध्याय के समक्ष हुई। आयोग ने पांच मई को आदेश दिया है कि कंपनी को तीस दिन में स्कूटी की मरम्मत कर वापस देनी होगी। इस बीच कोई भी पुर्जे की जरूरत होती है तो वह भी कंपनी को ही देना होगा। अन्यथा की स्थिति में वादी को ई स्कूटी की कीमत का 30 फीसदी कटौती कर शेष 84000र रुपये ग्राहक को वापस देने होंगे। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को मुकदमे का खर्च पांच हजार रुपये व मानसिक संताप के पांच रुपये भी देने होंगे।
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मुरसान के गांव गोजिया निवासी कृष्ण कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के समक्ष परिवाद दाखिल किया था। इसमें कहा कि उसने एक कंपनी से ई स्कूटी प्रचार-प्रसार से प्रभावित होकर नौ फरवरी 2024 को खरीदी थी। इसमें बैटरी की वारंटी आठ साल थी। उन्होंने बताया कि प्राप्त होने के बाद स्कूटी ने करीब तीन दिन तक तो सही कार्य किया। उसके बाद खराब हो गई।
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बैटरी ने कार्य करना बंद कर दिया। टोल फ्री नंबर पर इसकी शिकायत की। सर्विस सेंटर से आए कर्मचारी दस अक्टूबर को स्कूटी को अपने साथ आगरा स्थित सर्विस सेंटर ले गए। तब से स्कूटी वहीं खड़ी है। बताया जा रहा है कि स्कूटी के पार्ट्स नहीं मिल रहे हैं। कृष्ण कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के समक्ष परिवाद दाखिल किया। सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार सदस्य कृष्ण प्रभाकर उपाध्याय के समक्ष हुई। आयोग ने पांच मई को आदेश दिया है कि कंपनी को तीस दिन में स्कूटी की मरम्मत कर वापस देनी होगी। इस बीच कोई भी पुर्जे की जरूरत होती है तो वह भी कंपनी को ही देना होगा। अन्यथा की स्थिति में वादी को ई स्कूटी की कीमत का 30 फीसदी कटौती कर शेष 84000र रुपये ग्राहक को वापस देने होंगे। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को मुकदमे का खर्च पांच हजार रुपये व मानसिक संताप के पांच रुपये भी देने होंगे।
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