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Hathras News: दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास की सजा
Sat, 26 Aug 2023 12:35 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 26 Aug 2023 12:35 AM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय विनीत चौधरी के न्यायालय ने दहेज हत्या के एक मामले में पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मैनपुरी जिले के गांव जिटौली निवासी रूपकिशोर ने थाना हसायन में तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा था कि उसने अपनी पुत्री विनय कुमारी की शादी दीपू उर्फ श्यामवीर सिंह पुत्र रघुनाथ सिंह निवासी बरसामई थाना हसायन जिला हाथरस के साथ एक जून 2013 को गांव जिटौली में की थी।
उसने सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज देकर करीब सात लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन बेटी के पति दीपू उर्फ श्यामवीर सिंह, ससुर रघुनाथ सिंह, सास शकुंतला देवी, जेठ सुखवीर व सत्यवीर, देवर नीलेश दिए गए दहेज से असंतुष्ट थे। यह सभी ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में बुलट मोटरसाइकिल की मांग करके उसकी बेटी को आए-दिन मारपीट करके मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इस संबंध में उसकी पुत्री गांव जिटौली में घर जाकर बताती थी। कई बार बरसामई आकर पंचायत बुलाई और ससुराली जनों और गांव वालों के कहने पर बेटी को समझा-बुझाकर बरसामई छोड़ गया।
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दीपावली के समय उनका पुत्र नीटू यादव उसकी बेटी विनय कुमारी को लेने आया तो बेटी के ससुराल वालों ने उनके बेटे से अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि तुम ले जा रहे हो तो तुम ही वापस छोड़कर जाओगे। एक नवंबर 2019 को उनका पुत्र बेटी विनय कुमारी को अपने साथ उसकी ससुराल बरसामई छोड़ आया। वह अपने साथ जिटौली के अरविंद कुमार को भी लेकर गया था।
ससुराल वालों ने आश्वासन दिया कि अब वह विनय को तंग नहीं करेंगे। 10 नवंबर 2019 को सुबह करीब छह बजे बड़े दामाद सत्यवीर निवासी बरसामई ने सूचना दी कि आपकी बेटी विनय कुमारी की हत्या दीपू उर्फ श्यामवीर सिंह, ससुर रघुनाथ सिंह, सास शकुंतला देवी, जेठ सुखवीर व सत्यवीर, नीलेश पुत्रगण रघुनाथ सिंह ने मोटरसाइकिल न मिलने के कारण कर दी है। सूचना पर वह अपने परिवारीजनों के साथ बेटी की ससुराल आए तो लाश घर के बाहर तख्त पर पड़ी मिली। बेटी के ससुराल वाले घर पर मौजूद नहीं थे। उन्हें शक हुआ कि उनकी बेटी को ससुरालजनों ने मार दिया है। इस मामले में थाना हसायन में मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने विवेचना करते हुए अभियुक्त दीपू, रघुनाथ, सत्यवीर, नीलेश व शकुंतला के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। न्यायालय दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अभियुक्त दीपू उर्फ श्यामवीर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। न्यायालय ने इस मामले में आरोपी रघुनाथ सिंह, शकुंतला देवी, सत्यवीर व नीलेश को दोष मुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीसी नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने की।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार मैनपुरी जिले के गांव जिटौली निवासी रूपकिशोर ने थाना हसायन में तहरीर दी। तहरीर में उसने कहा था कि उसने अपनी पुत्री विनय कुमारी की शादी दीपू उर्फ श्यामवीर सिंह पुत्र रघुनाथ सिंह निवासी बरसामई थाना हसायन जिला हाथरस के साथ एक जून 2013 को गांव जिटौली में की थी।
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उसने सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज देकर करीब सात लाख रुपये खर्च किए थे, लेकिन बेटी के पति दीपू उर्फ श्यामवीर सिंह, ससुर रघुनाथ सिंह, सास शकुंतला देवी, जेठ सुखवीर व सत्यवीर, देवर नीलेश दिए गए दहेज से असंतुष्ट थे। यह सभी ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में बुलट मोटरसाइकिल की मांग करके उसकी बेटी को आए-दिन मारपीट करके मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। इस संबंध में उसकी पुत्री गांव जिटौली में घर जाकर बताती थी। कई बार बरसामई आकर पंचायत बुलाई और ससुराली जनों और गांव वालों के कहने पर बेटी को समझा-बुझाकर बरसामई छोड़ गया।
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दीपावली के समय उनका पुत्र नीटू यादव उसकी बेटी विनय कुमारी को लेने आया तो बेटी के ससुराल वालों ने उनके बेटे से अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि तुम ले जा रहे हो तो तुम ही वापस छोड़कर जाओगे। एक नवंबर 2019 को उनका पुत्र बेटी विनय कुमारी को अपने साथ उसकी ससुराल बरसामई छोड़ आया। वह अपने साथ जिटौली के अरविंद कुमार को भी लेकर गया था।
ससुराल वालों ने आश्वासन दिया कि अब वह विनय को तंग नहीं करेंगे। 10 नवंबर 2019 को सुबह करीब छह बजे बड़े दामाद सत्यवीर निवासी बरसामई ने सूचना दी कि आपकी बेटी विनय कुमारी की हत्या दीपू उर्फ श्यामवीर सिंह, ससुर रघुनाथ सिंह, सास शकुंतला देवी, जेठ सुखवीर व सत्यवीर, नीलेश पुत्रगण रघुनाथ सिंह ने मोटरसाइकिल न मिलने के कारण कर दी है। सूचना पर वह अपने परिवारीजनों के साथ बेटी की ससुराल आए तो लाश घर के बाहर तख्त पर पड़ी मिली। बेटी के ससुराल वाले घर पर मौजूद नहीं थे। उन्हें शक हुआ कि उनकी बेटी को ससुरालजनों ने मार दिया है। इस मामले में थाना हसायन में मुकदमा दर्ज हुआ।
विवेचक ने विवेचना करते हुए अभियुक्त दीपू, रघुनाथ, सत्यवीर, नीलेश व शकुंतला के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। न्यायालय दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अभियुक्त दीपू उर्फ श्यामवीर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। न्यायालय ने इस मामले में आरोपी रघुनाथ सिंह, शकुंतला देवी, सत्यवीर व नीलेश को दोष मुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीसी नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने की।