{"_id":"643061e9917dc215030c9485","slug":"homes-of-the-poor-are-becoming-junk-2023-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांशीराम आवास योजना: कबाड़ हो रहे गरीबों के आशियाने, बिजली-पानी की आपूर्ति न होने से 10 साल अटकी आवंटन प्रकिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांशीराम आवास योजना: कबाड़ हो रहे गरीबों के आशियाने, बिजली-पानी की आपूर्ति न होने से 10 साल अटकी आवंटन प्रकिया
Sat, 08 Apr 2023 03:03 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 08 Apr 2023 03:03 AM IST
सार
जलेसर रोड पर कांशीराम आवास योजना फेज-3 के तहत गरीबों के लिए करीब 10 साल पहले 952 आशियाने बनाए गए थे। हैरानी की बात यह है कि अब तक इन आवासों में जलापूर्ति व विद्युत आपूर्ति न होने के कारण आवंटन नहीं हो सका।
विज्ञापन
कांशीराम आवास योजना के जर्जर होते भवन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस में कांशीराम आवास योजना फेज-3 के तहत गरीबों के लिए बनाए गए आशियाने फिलहाल जर्जर होते जा रहे हैं। शासन से बजट नहीं मिलने के कारण इन आवासों में पानी व विद्युत आपूर्ति नहीं की जा सकी है। ऐसे में इन आवासों का आवंटन लाभार्थियों को पिछले 10 साल से नहीं हो सका है।
विज्ञापन
जलेसर रोड पर कांशीराम आवास योजना फेज-3 के तहत गरीबों के लिए करीब 10 साल पहले 952 आशियाने बनाए गए थे। हैरानी की बात यह है कि अब तक इन आवासों में जलापूर्ति व विद्युत आपूर्ति न होने के कारण आवंटन नहीं हो सका। इन आवासों के निर्माण के साथ ही आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू हुई, लेकिन आवंटन की प्रक्रिया अधर में लटक गई। अब तक इन आवासों के आवंटन प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
यहां तक कि इन आवासों में विद्युत आपूर्ति व जलापूर्ति न होने के कारण आवास विकास परिषद से इन भवनों को जिला प्रशासन की ओर से हैंडओवर नहीं लिया गया है। अब इन गरीबों के आशियानों पर कुछ लोगों ने कब्जे कर लिए हैं। ज्यादातार आवासों में लोगों ने ताले डाल लिए हैं। वहीं, दूसरी ओर से कुछ आवासों की हालत भी जीर्णशीर्ण हो गई है। कुछ आवास गिरासू हालत में हो गए हैं। इन आवासों का प्लास्टर भी छूटना शुरू हो गया है। यहां तक आवासों में से लोहे के जंगले आदि सामानों को अज्ञात लोग निकाल कर ले गए हैं।
विज्ञापन
अब इन आवासों में बिजली और पेयजल की आपूर्ति के लिए कुल 5.80 करोड़ रुपये की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी गई है। इसमें जलापूर्ति के लिए 3.40 करोड़ रुपये व विद्युत आपूर्ति के लिए 2.40 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। लेकिन अभी तक शासन की ओर से बजट जारी नहीं किया गया है। इस कारण इन आवासों को आवंटन नहीं हो सका है।
शासन को इन आवासों में जलापूर्ति व विद्युत आपूर्ति दिए जाने के लिए 5.80 करोड रुपये की कार्ययोजना तैयार कर भेजी गई है। बजट मिलते ही जलापूर्ति व विद्युत आपूर्ति पर कार्य शुरू हो सकेगा। - राजकुमार सिंह यादव, प्रभारी डूडा अधिकारी