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फीका हो रहा रंग-गुलाल कारोबार
अमर उजाला, हाथरस
Updated Sat, 04 Mar 2017 11:32 PM IST
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गुलाल
- फोटो : अमर उजाला
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देश-विदेश में हाथरस के रंग-गुलाल की चमक अब फीकी होती जा रही है। टैक्स की मार और ट्रांसपोर्टेशन की समस्या के चलते ही रंग कारोबार हाथरस में दम तोड़ रहा है। हर साल रंग-गुलाल की एक न एक फैक्ट्री बंद हो रही है। इस साल भी शहर की एक रंग फैक्ट्री में रंग-गुलाल का काम बंद हो गया। अब तक करीब पांच फैक्ट्रियों में रंग-गुलाल का उत्पादन ठप हो चुका है। हाथरस का रंग-गुलाल यहां से राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात राज्यों के अलावा विदेशों भी जाता है।
रंग कारोबारियों का कहना है कि कई राज्यों में रंग-गुलाल पर टैक्स नहीं लगता। पहले केवल हाथरस में ही रंग-गुलाल का उत्पादन होता था और देश-विदेश में यहीं का रंग-गुलाल जाता था, लेकिन अब कई राज्यों में रंग-गुलाल की फैक्ट्रियां खुल गई हैं। राजस्थान और हरियाणा में रंग-गुलाल टैक्स फ्री है। इधर, होली से पहले हुई नोटबंदी ने भी कारोबार प्रभावित कर दिया। जिस समय रंग-गुलाल उत्पादन युद्ध स्तर पर होता है, उसी समय नोटबंदी हुई, जिसके कारण फैक्ट्रियों में काम नहीं हो पाए।
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रंग कारोबारियों का कहना है कि कई राज्यों में रंग-गुलाल पर टैक्स नहीं लगता। पहले केवल हाथरस में ही रंग-गुलाल का उत्पादन होता था और देश-विदेश में यहीं का रंग-गुलाल जाता था, लेकिन अब कई राज्यों में रंग-गुलाल की फैक्ट्रियां खुल गई हैं। राजस्थान और हरियाणा में रंग-गुलाल टैक्स फ्री है। इधर, होली से पहले हुई नोटबंदी ने भी कारोबार प्रभावित कर दिया। जिस समय रंग-गुलाल उत्पादन युद्ध स्तर पर होता है, उसी समय नोटबंदी हुई, जिसके कारण फैक्ट्रियों में काम नहीं हो पाए।
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