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बिना लाइसेंस खानपान का कारोबार पड़ेगा भारी
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 May 2016 11:43 PM IST
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हाथरस। खाद्य कारोबारियों को बिना लाइसेंस के कारोबार करना अब भारी पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ऐसे कारोबारियों के खिलाफ शीघ्र ही अभियान चलाकर कार्रवाई करेगा।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत छोटे फुटकर विक्रेताओं से लेकर निर्माण प्रसंस्करण संस्थान के लिए खाद्य लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में बिना लाइसेंस और पंजीकरण के खाद्य वस्तुओं का कारोबार करने वालों में सर्वाधिक संख्या में ढाबे, फल-सब्जी व्यवसायी, दूध विक्रेता, चाट आदि की फेरी लगाने वाले सहित अन्य कई दुकानदार हैं। काफी संख्या में ऐसे भी व्यापारी हैं, जिन्होंने लाइसेंस तो ले लिया है, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे में अब खाद्य लाइसेंस के बिना कारोबार करने वाले व्यापारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन इसे लेकर अभियान चलाएगा। फिलहाल बिना लाइसेंस के खाद्य कारोबार चलाने वाले लोगों को 20 मई तक का समय दिया गया है। 20 मई तक विभाग में आवेदन कर इन्हें लाइसेंस बनवाना होगा, अन्यथा व्यापारियों को जुर्माने के साथ कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
-लाइसेंस नहीं बनवाने और पंजीकरण नहीं कराने पर अधिनियम की धारा 63 में दंड की व्यवस्था है, जिसके तहत छह माह का कारावास और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। 20 मई तक सभी खाद्य कारोबार कर्ता आवश्यक रूप से लाइसेंस बनवा लें।
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-श्वेता सैनी, अभिहीत अधिकारी, एफडीए प्रशासन
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खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत छोटे फुटकर विक्रेताओं से लेकर निर्माण प्रसंस्करण संस्थान के लिए खाद्य लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में बिना लाइसेंस और पंजीकरण के खाद्य वस्तुओं का कारोबार करने वालों में सर्वाधिक संख्या में ढाबे, फल-सब्जी व्यवसायी, दूध विक्रेता, चाट आदि की फेरी लगाने वाले सहित अन्य कई दुकानदार हैं। काफी संख्या में ऐसे भी व्यापारी हैं, जिन्होंने लाइसेंस तो ले लिया है, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे में अब खाद्य लाइसेंस के बिना कारोबार करने वाले व्यापारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन इसे लेकर अभियान चलाएगा। फिलहाल बिना लाइसेंस के खाद्य कारोबार चलाने वाले लोगों को 20 मई तक का समय दिया गया है। 20 मई तक विभाग में आवेदन कर इन्हें लाइसेंस बनवाना होगा, अन्यथा व्यापारियों को जुर्माने के साथ कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
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-लाइसेंस नहीं बनवाने और पंजीकरण नहीं कराने पर अधिनियम की धारा 63 में दंड की व्यवस्था है, जिसके तहत छह माह का कारावास और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। 20 मई तक सभी खाद्य कारोबार कर्ता आवश्यक रूप से लाइसेंस बनवा लें।
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-श्वेता सैनी, अभिहीत अधिकारी, एफडीए प्रशासन