{"_id":"59cfe27a4f1c1baf538b529b","slug":"he-effigy-of-ravana-burnt-with-smoke-and-fire-after-leaving-the-panoramic","type":"story","status":"publish","title_hn":"अग्निबाण छोड़ते ही धू-धूकर जला रावण का पुतला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अग्निबाण छोड़ते ही धू-धूकर जला रावण का पुतला
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Sat, 30 Sep 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
रामलीला
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विजयादशमी के पावन पर्व पर रावण का पुतला दहन होने के साथ पूरा शहर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। आतिशबाजी के माध्यम से असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया गया। रावण का पुतला धू-धूकर जला।
शहर के एमजी पॉलीटेक्निक मैदान में रामलीला महोत्सव में शनिवार को रावण वध लीला, युद्ध आतिशबाजी मुकाबला और विशालकाय रावण पुतला दहन देखने के लिए हजारों की तादाद में लोग पहुंचे। मैदान खचाखच भरा हुआ था। चहुुंओर श्रीराम की जय-जयकार से वातावरण गूंज उठा। रावण पुतला दहन से पूर्व राम और लक्ष्मण वानर सेना सहित रावण का वध करने के लिए शहर के विभिन्न बाजारों में होकर गुजरे। शहर भ्रमण के दौरान राम, लक्ष्मण, हनुमान जी के स्वरूपों की जगह-जगह पुष्प वर्षाकर आरती उतारी गई।
रावण पुतला दहन देखने के लिए शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की भीड़ भी उमड़ी। रावण के पुतले को करीब से देखने के लिए भीड़ उतावली रही, जबकि पुलिस फोर्स ने कई बार भीड़ को पुतले तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की। जब भीड़ नहीं मानी तो पुलिस को लाठियां भांजकर सख्ती भी बरतनी पड़ी, जिससे कई बार मैदान पर भगदड़ और अफरा-तफरी के हालात भी बने। हालांकि भीड़ की रोकथाम के लिए रावण के पुतले के चारों तरफ बेरीकेडिंग का सख्त सुरक्षा घेरा बनाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के एमजी पॉलीटेक्निक मैदान में रामलीला महोत्सव में शनिवार को रावण वध लीला, युद्ध आतिशबाजी मुकाबला और विशालकाय रावण पुतला दहन देखने के लिए हजारों की तादाद में लोग पहुंचे। मैदान खचाखच भरा हुआ था। चहुुंओर श्रीराम की जय-जयकार से वातावरण गूंज उठा। रावण पुतला दहन से पूर्व राम और लक्ष्मण वानर सेना सहित रावण का वध करने के लिए शहर के विभिन्न बाजारों में होकर गुजरे। शहर भ्रमण के दौरान राम, लक्ष्मण, हनुमान जी के स्वरूपों की जगह-जगह पुष्प वर्षाकर आरती उतारी गई।
विज्ञापन
रावण पुतला दहन देखने के लिए शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की भीड़ भी उमड़ी। रावण के पुतले को करीब से देखने के लिए भीड़ उतावली रही, जबकि पुलिस फोर्स ने कई बार भीड़ को पुतले तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की। जब भीड़ नहीं मानी तो पुलिस को लाठियां भांजकर सख्ती भी बरतनी पड़ी, जिससे कई बार मैदान पर भगदड़ और अफरा-तफरी के हालात भी बने। हालांकि भीड़ की रोकथाम के लिए रावण के पुतले के चारों तरफ बेरीकेडिंग का सख्त सुरक्षा घेरा बनाया गया था।
विज्ञापन