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पुलवामा में हुए आतंकी हमले से बेहद दुखी नजर आईं हाजरा बेगम
Sat, 16 Feb 2019 12:26 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sat, 16 Feb 2019 12:26 AM IST
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शहीद की विधवा हाजरा बेगम।
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। स्थानीय इगलास अड्डा मोहल्ला नई दिल्ली निवासी हाजरा बेगम कश्मीर में पुलवामा में आतंकी हमले के बाद बेहद दुखी नजर आई। हाजरा बेगम के पति जहूर खां फौज में थे और कारगिल युद्ध के बाद चले एक आपरेशन में वह शहीद हुए थे। जब भी आतंकी हमला होता है और कोई जवान शहीद होता है तो हाजरा बेगम की आंखें नम हो जाती हैं।
वह पुरानी यादों में खो जाती हैं। हाजरा बेगम इस आंतकी हमले को लेकर गम के साथ-साथ गुस्से में भरी दिखाई दीं। उनका कहना था कि अब सरकार को आतंकवादियोें के साथ-साथ उनको पनाह और ट्रेनिंग देने वालों को सबक सिखाना चाहिए। पाकिस्तान एक बार नहीं, लगातार इस तरह की नापाक हरकतें करता रहा है । ऐसे में अब सेना को खुलकर कार्रवाई की छूट मिलती चाहिए। उन्होंने कहा कि इस शहीदों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए।
इनके खून की एक-एक बूंद का हिसाब आंतकियों और उनके पनाह देने वालों से लेना चाहिए। उनका कहना था कि उनके पति ने वर्ष 2002 में देश के लिए अपना जउवन कुर्बान कर दिया था। अब पुलवामा में जो शहीद हुए हैं, वह भी किसी के मां के लाल, किसी का सुहाग, किसी के भाई होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इन शहीदों के परिवार के लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद करे और आंतकियों को सबक सिखाए।
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वह पुरानी यादों में खो जाती हैं। हाजरा बेगम इस आंतकी हमले को लेकर गम के साथ-साथ गुस्से में भरी दिखाई दीं। उनका कहना था कि अब सरकार को आतंकवादियोें के साथ-साथ उनको पनाह और ट्रेनिंग देने वालों को सबक सिखाना चाहिए। पाकिस्तान एक बार नहीं, लगातार इस तरह की नापाक हरकतें करता रहा है । ऐसे में अब सेना को खुलकर कार्रवाई की छूट मिलती चाहिए। उन्होंने कहा कि इस शहीदों की शहादत बेकार नहीं जानी चाहिए।
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इनके खून की एक-एक बूंद का हिसाब आंतकियों और उनके पनाह देने वालों से लेना चाहिए। उनका कहना था कि उनके पति ने वर्ष 2002 में देश के लिए अपना जउवन कुर्बान कर दिया था। अब पुलवामा में जो शहीद हुए हैं, वह भी किसी के मां के लाल, किसी का सुहाग, किसी के भाई होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार इन शहीदों के परिवार के लोगों की ज्यादा से ज्यादा मदद करे और आंतकियों को सबक सिखाए।
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