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हाथरस: सुप्रीम कोर्ट तक करूंगी आरोपियों को फांसी दिलाने के लिए पैरवी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
निर्भया कांड की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा शुक्रवार को बिटिया के घर पहुंची। यहां परिवार वालों से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि इस परिवार के सदस्यों से घटना के बारे में बात की गई है। इस केस का वकालतनामा जल्द ही तैयार कर न्यायालय में दाखिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को जिला न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जरूरत पड़ने पर केस की पैरवी कर न्याय दिलाया जाएगा। आरोपियों को फांसी की सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने इस केस को निशुल्क लड़ने का ऐलान किया। परिजनों की ओर से शपथ पत्र न्यायालय में लगाया जाता है, वह भी तैयार कराकर हस्ताक्षर लेकर दाखिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को रात में अंतिम संस्कार करने की इतनी क्या जल्दी थी। उन्होंने कहा कि इस बात पर सरकार कानून व्यवस्था की बात कह रही है। अगर कानून व्यवस्था को खतरा था, इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की थी। उन्हें इंतजाम करने चाहिए थे। आरोपियों द्वारा जेल से चिट्ठी भेजने के मामले में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आखिर आरोपी कब से चिट्ठी भेजने लगे।
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निर्भया कांड की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा शुक्रवार को बिटिया के घर पहुंची। यहां परिवार वालों से मुलाकात के बाद उन्होंने बताया कि इस परिवार के सदस्यों से घटना के बारे में बात की गई है। इस केस का वकालतनामा जल्द ही तैयार कर न्यायालय में दाखिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को जिला न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जरूरत पड़ने पर केस की पैरवी कर न्याय दिलाया जाएगा। आरोपियों को फांसी की सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने इस केस को निशुल्क लड़ने का ऐलान किया। परिजनों की ओर से शपथ पत्र न्यायालय में लगाया जाता है, वह भी तैयार कराकर हस्ताक्षर लेकर दाखिल किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि प्रशासन को रात में अंतिम संस्कार करने की इतनी क्या जल्दी थी। उन्होंने कहा कि इस बात पर सरकार कानून व्यवस्था की बात कह रही है। अगर कानून व्यवस्था को खतरा था, इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की थी। उन्हें इंतजाम करने चाहिए थे। आरोपियों द्वारा जेल से चिट्ठी भेजने के मामले में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आखिर आरोपी कब से चिट्ठी भेजने लगे।
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