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हाथरस : गेहूं खरीद ने पकड़ी रफ्तार, गुजरात से आए बोरे
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में गेहूं की खरीद अब रफ्तार पकड़ रही है। गेहूं की खरीद में दिक्कत न आए, इसके लिए गुजरात से एक हजार बोरों की गांठ भी आ गई हैं। जिले में गेहूं खरीद का आंकड़ा 60 फीसदी तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष 12 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया था। इस बार किसानों की संख्या में तीन हजार की बढ़ोतरी हुई है।
उल्लेखनीय है कि इस बार 15 जून तक गेहूं की खरीद होगी। जिले में अब तक नौ हजार किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है। इसके साथ तीन लाख 51 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। गेहूं खरीद का आंकड़ा 60 प्रतिशत पर पहुंच गया है। गेहूं खरीद में बीते दिनों कोरोना काल के चलते बोरों की कमी हो गई थी।
इसे देखते हुए खाद्य विपणन विभाग द्वारा एक हजार बोरों की गांठ मंगाई गई हैं, ताकि गेहूं की खरीद निरंतर चलती रहे। सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही हो, जिनके गेहूं का दाना मौसम की मार से पतला रह गया है। क्रय केंद्रों पर परीक्षण में इसे फेल किया जा रहा है, लेकिन दिक्कत यह है कि गल्ला मंडी बंद होने से किसान उस गेहूं को बेच भी नहीं पा रहे हैं।
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जिले में गेहूं की खरीद अब रफ्तार पकड़ रही है। गेहूं की खरीद में दिक्कत न आए, इसके लिए गुजरात से एक हजार बोरों की गांठ भी आ गई हैं। जिले में गेहूं खरीद का आंकड़ा 60 फीसदी तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष 12 हजार किसानों ने गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया था। इस बार किसानों की संख्या में तीन हजार की बढ़ोतरी हुई है।
उल्लेखनीय है कि इस बार 15 जून तक गेहूं की खरीद होगी। जिले में अब तक नौ हजार किसानों से गेहूं खरीदा जा चुका है। इसके साथ तीन लाख 51 हजार क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। गेहूं खरीद का आंकड़ा 60 प्रतिशत पर पहुंच गया है। गेहूं खरीद में बीते दिनों कोरोना काल के चलते बोरों की कमी हो गई थी।
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इसे देखते हुए खाद्य विपणन विभाग द्वारा एक हजार बोरों की गांठ मंगाई गई हैं, ताकि गेहूं की खरीद निरंतर चलती रहे। सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को हो रही हो, जिनके गेहूं का दाना मौसम की मार से पतला रह गया है। क्रय केंद्रों पर परीक्षण में इसे फेल किया जा रहा है, लेकिन दिक्कत यह है कि गल्ला मंडी बंद होने से किसान उस गेहूं को बेच भी नहीं पा रहे हैं।
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