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हाथरस : ‘हम भाजपा की खिलाफत करेंगे, समझदार जनता अपने आप देख लेगी’
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हाथरस : सादाबाद में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर हाथ उठाकर किसान नेताओं का अभिवादन स्वीकारते राके
- फोटो : SADABAD
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)।
जब तक तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी नहीं होती और एसएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनता, तब तक किसानों का आंदोलन देशभर में जारी रहेगा, किसान घर लौटने वाला नहीं है। यह आंदोलन एक वैचारिक क्रांति है, जो पूरे हिंदुस्तान भर में है।
यह बातें भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को सादाबाद आगमन पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कहा कि अभी आचार संहिता लगने दो। हम अपनी रणनीति का भी एलान कर देंगे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा की खिलाफत करेंगे और जनता भी खुद समझदार है। वह अपने आप देख लेगी। उन्होंने कहा कि अगर एमएसपी लागू हो जाए तो किसान को अपनी फसल का वाजिब मूल्य मिल सकेगा।
कहा कि हम अराजकता नहीं फैला रहे, बल्कि फसलों के दाम मांग रहे हैं। आलू किसानों को लेकर बोले कि हालात खराब हैं, जब तक जोन नहीं बनेंगे और यह तय नहीं होगा कि कितने आलू की खपत देश में है और कितने क्षेत्रफल में बुवाई है, तब तक किसानों का भला नहीं हो सकता। आलू के लिए एक पूरी नीति बनानी होगी।
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उन्होंने कहा कि सरकार के पास 18 मंत्रालय हैं तो वह एक और कृषि मंत्रालय को भी देख ले। बढ़ती महंगाई के सवाल पर बोले कि जब निजीकरण बढ़ेगा तो महंगाई व बेरोजगारी भी स्वत: ही बढ़ेगी। भाजपा सरकार में हर चीज का निजीकरण किया जा रहा है। खाद की किल्लत को लेकर कहा कि सरकार किसानों को सीधे सब्सिडी देने के बजाय उद्योगों को सब्सिडी दे रही है, लेकिन ये इंडस्ट्री मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं करा पा रहीं। पैदावार बढ़ानी है तो खाद की उपलब्धता भी बढ़ानी बढे़गी। उन्होंने कहा कि 22 नवंबर को को ईको गार्डन में बड़ी पंचायत होगी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से आह्वान किया कि वह आंदोलन के साथ जुड़ें और सरकार का डटकर मुकाबला करें।
इस मौके पर पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, युवा रालोद प्रदेश महासचिव प्रवीण पौनियां, चंद्रेश चौधरी, चंद्रकांत सिंह बधौतिया, किसान यूनियन जिलाध्यक्ष उदयपाल सिंह दरोगा, डॉ. मोनवीर सिंह, लायक सिंह बधौतिया, सचिन पचहरा, इरफान मलिक, रवेंद्र चौधरी, विक्रम सिंह, गजेंद्र परिहार, बहादुर सिंह एडवोकेट, अनिल बधौतिया आदि थे। संवाद
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जब तक तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी नहीं होती और एसएसपी पर गारंटी कानून नहीं बनता, तब तक किसानों का आंदोलन देशभर में जारी रहेगा, किसान घर लौटने वाला नहीं है। यह आंदोलन एक वैचारिक क्रांति है, जो पूरे हिंदुस्तान भर में है।
यह बातें भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को सादाबाद आगमन पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कहा कि अभी आचार संहिता लगने दो। हम अपनी रणनीति का भी एलान कर देंगे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा की खिलाफत करेंगे और जनता भी खुद समझदार है। वह अपने आप देख लेगी। उन्होंने कहा कि अगर एमएसपी लागू हो जाए तो किसान को अपनी फसल का वाजिब मूल्य मिल सकेगा।
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कहा कि हम अराजकता नहीं फैला रहे, बल्कि फसलों के दाम मांग रहे हैं। आलू किसानों को लेकर बोले कि हालात खराब हैं, जब तक जोन नहीं बनेंगे और यह तय नहीं होगा कि कितने आलू की खपत देश में है और कितने क्षेत्रफल में बुवाई है, तब तक किसानों का भला नहीं हो सकता। आलू के लिए एक पूरी नीति बनानी होगी।
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उन्होंने कहा कि सरकार के पास 18 मंत्रालय हैं तो वह एक और कृषि मंत्रालय को भी देख ले। बढ़ती महंगाई के सवाल पर बोले कि जब निजीकरण बढ़ेगा तो महंगाई व बेरोजगारी भी स्वत: ही बढ़ेगी। भाजपा सरकार में हर चीज का निजीकरण किया जा रहा है। खाद की किल्लत को लेकर कहा कि सरकार किसानों को सीधे सब्सिडी देने के बजाय उद्योगों को सब्सिडी दे रही है, लेकिन ये इंडस्ट्री मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध नहीं करा पा रहीं। पैदावार बढ़ानी है तो खाद की उपलब्धता भी बढ़ानी बढे़गी। उन्होंने कहा कि 22 नवंबर को को ईको गार्डन में बड़ी पंचायत होगी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से आह्वान किया कि वह आंदोलन के साथ जुड़ें और सरकार का डटकर मुकाबला करें।
इस मौके पर पूर्व विधायक प्रताप चौधरी, युवा रालोद प्रदेश महासचिव प्रवीण पौनियां, चंद्रेश चौधरी, चंद्रकांत सिंह बधौतिया, किसान यूनियन जिलाध्यक्ष उदयपाल सिंह दरोगा, डॉ. मोनवीर सिंह, लायक सिंह बधौतिया, सचिन पचहरा, इरफान मलिक, रवेंद्र चौधरी, विक्रम सिंह, गजेंद्र परिहार, बहादुर सिंह एडवोकेट, अनिल बधौतिया आदि थे। संवाद