{"_id":"61a26bf5eb0035345f30c0ad","slug":"hathras-toilet-not-built-and-the-cleaning-worker-got-paid-shaphu-news-ali2792032174","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : शौचालय बना नहीं और सफाई कर्मी का हो गया भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : शौचालय बना नहीं और सफाई कर्मी का हो गया भुगतान
विज्ञापन
हाथरस : ग्राम पंचायत इसौंदा में बंद पड़ा सार्वजनिक शौचालय। संवाद
- फोटो : SHAPHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षा योजना स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायतों में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय में हर रोज एक नया गड़बड़ घोटाला सामने निकलकर आ रहा है। अब क्षेत्र के गांव इसौंदा में एक ऐसा ही घोटाला सामने आया है। इसौंदा का सार्वजनिक शौचालय अभी हैंडओवर भी नहीं हुआ है जबकि इसमें सफाई कर्मी तैनात कर उसको जून 2021 तक का भुगतान कर दिया गया है। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव का कहना है कि शौचालय में कुछ कमी थी इसलिए इसे अभी हैंडओवर नहीं किया गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि यह शौचालय अभी चालू ही नहीं हुआ है। इसका लोगों ने कभी उपयोग किया ही नहीं है। जब इस पर नियुक्त सफाई कर्मी के बारे में पता किया गया तो उसके घर पर ताला लगा था। ग्रामीणों का कहना कि सफाई कर्मी को शौचालय बनाने वाले ठेकेदार ने उसकी चाभी ही नहीं दी है। इस संबंध में पिछले ग्राम पंचायत सचिव दिनेश कुमार का कहना है कि सफाई कर्मी का मई जून तक का भुगतान कर दिया गया है।
अब उसका तबादला अन्य ब्लॉक में हो गया है। वहीं, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रूप किशोर गर्ग का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय में कुछ कमी थी, इसलिए इसे हैंडओवर नहीं किया गया। सफाईकर्मी के भुगतान की मुझे कोई जानकारी नहीं है। ग्राम पंचायत सचिव का कहना है कि उन्हें अभी इसकी पत्रावली ही नहीं मिली। संवाद
विज्ञापन
- सार्वजनिक शौचालय में ताला लगा रहता है। सफाई कर्मी कभी उस ओर जाता ही नहीं है। वह केवल प्रधान के घर के आस-पास ही झाड़ू आदि लगता रहता है। अब तो वह गांव से भी चला गया है। - कालीचरण शाह
- मुझे तो पता ही नहीं है कि गांव में सार्वजनिक शौचालय किस ओर बना है। सफाई कर्मी गांव में तो सफाई करता ही नहीं है। शौचालय कब चालू हुआ इसका तो किसी को पता ही नहीं है। - किशन वीर शाह
- ग्राम पंचायत उधैना की कोई पत्रावली मुझे अभी तक नहीं मिली है। इसलिए मैं ग्राम पंचायत में हुए कार्यों के भुगतान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पाऊंगा। - नागेश यादव, ग्राम पंचायत सचिव
- सार्वजनिक शौचालय में तैनात सफाईकर्मी के भुगतान के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी, अगर कोई धांधली पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। - राजीव कुमार, एडीओ पंचायत
विज्ञापन
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षा योजना स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्राम पंचायतों में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय में हर रोज एक नया गड़बड़ घोटाला सामने निकलकर आ रहा है। अब क्षेत्र के गांव इसौंदा में एक ऐसा ही घोटाला सामने आया है। इसौंदा का सार्वजनिक शौचालय अभी हैंडओवर भी नहीं हुआ है जबकि इसमें सफाई कर्मी तैनात कर उसको जून 2021 तक का भुगतान कर दिया गया है। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव का कहना है कि शौचालय में कुछ कमी थी इसलिए इसे अभी हैंडओवर नहीं किया गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि यह शौचालय अभी चालू ही नहीं हुआ है। इसका लोगों ने कभी उपयोग किया ही नहीं है। जब इस पर नियुक्त सफाई कर्मी के बारे में पता किया गया तो उसके घर पर ताला लगा था। ग्रामीणों का कहना कि सफाई कर्मी को शौचालय बनाने वाले ठेकेदार ने उसकी चाभी ही नहीं दी है। इस संबंध में पिछले ग्राम पंचायत सचिव दिनेश कुमार का कहना है कि सफाई कर्मी का मई जून तक का भुगतान कर दिया गया है।
विज्ञापन
अब उसका तबादला अन्य ब्लॉक में हो गया है। वहीं, तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव रूप किशोर गर्ग का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय में कुछ कमी थी, इसलिए इसे हैंडओवर नहीं किया गया। सफाईकर्मी के भुगतान की मुझे कोई जानकारी नहीं है। ग्राम पंचायत सचिव का कहना है कि उन्हें अभी इसकी पत्रावली ही नहीं मिली। संवाद
विज्ञापन
- सार्वजनिक शौचालय में ताला लगा रहता है। सफाई कर्मी कभी उस ओर जाता ही नहीं है। वह केवल प्रधान के घर के आस-पास ही झाड़ू आदि लगता रहता है। अब तो वह गांव से भी चला गया है। - कालीचरण शाह
- मुझे तो पता ही नहीं है कि गांव में सार्वजनिक शौचालय किस ओर बना है। सफाई कर्मी गांव में तो सफाई करता ही नहीं है। शौचालय कब चालू हुआ इसका तो किसी को पता ही नहीं है। - किशन वीर शाह
- ग्राम पंचायत उधैना की कोई पत्रावली मुझे अभी तक नहीं मिली है। इसलिए मैं ग्राम पंचायत में हुए कार्यों के भुगतान के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पाऊंगा। - नागेश यादव, ग्राम पंचायत सचिव
- सार्वजनिक शौचालय में तैनात सफाईकर्मी के भुगतान के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी, अगर कोई धांधली पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। - राजीव कुमार, एडीओ पंचायत