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हाथरस : इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए नहीं हैं शौचालय
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बिजली न आने पर हाथ के पंखे से मरीज की हवा करते तीमारदार। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं को अंबार है। यहां भर्ती होने वाले मरीजों को शौचालय की सुविधा के लिए भी भटकना पड़ता है। इस समस्या को लेकर विभाग के जिम्मेदार भी ज्यादा गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। शौचालय के लिए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यह बात भी नहीं है कि इमरजेंसी वार्ड के अंदर शौचालय नहीं है, लेकिन वह शौचालय मरीजों के प्रयोग करने के लिए नहीं है। ऐसे में दस्त वाले मरीजों को भी बाहर पुरानी इमरजेंसी वार्ड के अंदर बने शौचालय में लाइन लगानी पड़ती है। कई बार इस समस्या से समाधान की मांग की जा चुकी है, लेकिन स्थिति जस की तस ही है।
मेरे बेटे को पेट दर्द और दस्त की शिकायत है। इमरजेंसी वार्ड में न तो शौचालय है और बिजली भी नहीं आ रही है। इस कारण हाथ से बच्चे की हवा करनी पड़ रही है। गर्मी में हाल बेहाल है।
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-वीरेंद्रपाल सिंह, तीमारदार
भाई को उपचार के लिए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती को कर लिया है, लेकिन यहां शौचालय की बहुत समस्या है। बाहर जाना पड़ रहा है। बिजली न आने के कारण पंखे भी बंद हैं। बहुत परेशानी हो रही है।
-राजेश, तीमारदार
इमरजेंसी में शौचालय की व्यवस्था तो है, लेकिन उसका उपयोग मरीजों को नहीं करने दिया जा रहा, इस बारे में जानकारी करूंगा। अस्पताल आने वाले मरीजों को हर तरह से संतुष्ट करने का प्रयास किया जाता है।
-डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल
इस संबंध में सीएमएस से प्रस्ताव मांगा गया है, ताकि इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए शौचालय की व्यवस्था की जा सके। जल्द ही इस समस्या का निदान कराया जाएगा।
डॉ. एएस वशिष्ठ, सीएमओ
बिना बिजली के अस्पताल में बेहाल रहे मरीज, तीमारदार
जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को काफी देर तक बिजली की आंख-मिचौली का खेल चलता रहा। इस वजह से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी हुई। जिला अस्पताल की विद्युत आपूर्ति के लिए अलग फीडर है, ताकि बिजली आपूर्ति बिना रुके चलती रहे, लेकिन अस्पताल परिसर की बिजली तीन घंटे तक बाधित रही। इस दौरान अस्पताल के जनरेटर से भी विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुचारु नहीं रही। गर्मी में मरीज, तीमारदार और अस्पताल के स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं को अंबार है। यहां भर्ती होने वाले मरीजों को शौचालय की सुविधा के लिए भी भटकना पड़ता है। इस समस्या को लेकर विभाग के जिम्मेदार भी ज्यादा गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। शौचालय के लिए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यह बात भी नहीं है कि इमरजेंसी वार्ड के अंदर शौचालय नहीं है, लेकिन वह शौचालय मरीजों के प्रयोग करने के लिए नहीं है। ऐसे में दस्त वाले मरीजों को भी बाहर पुरानी इमरजेंसी वार्ड के अंदर बने शौचालय में लाइन लगानी पड़ती है। कई बार इस समस्या से समाधान की मांग की जा चुकी है, लेकिन स्थिति जस की तस ही है।
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मेरे बेटे को पेट दर्द और दस्त की शिकायत है। इमरजेंसी वार्ड में न तो शौचालय है और बिजली भी नहीं आ रही है। इस कारण हाथ से बच्चे की हवा करनी पड़ रही है। गर्मी में हाल बेहाल है।
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-वीरेंद्रपाल सिंह, तीमारदार
भाई को उपचार के लिए इमरजेंसी वार्ड में भर्ती को कर लिया है, लेकिन यहां शौचालय की बहुत समस्या है। बाहर जाना पड़ रहा है। बिजली न आने के कारण पंखे भी बंद हैं। बहुत परेशानी हो रही है।
-राजेश, तीमारदार
इमरजेंसी में शौचालय की व्यवस्था तो है, लेकिन उसका उपयोग मरीजों को नहीं करने दिया जा रहा, इस बारे में जानकारी करूंगा। अस्पताल आने वाले मरीजों को हर तरह से संतुष्ट करने का प्रयास किया जाता है।
-डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल
इस संबंध में सीएमएस से प्रस्ताव मांगा गया है, ताकि इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए शौचालय की व्यवस्था की जा सके। जल्द ही इस समस्या का निदान कराया जाएगा।
डॉ. एएस वशिष्ठ, सीएमओ
बिना बिजली के अस्पताल में बेहाल रहे मरीज, तीमारदार
जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को काफी देर तक बिजली की आंख-मिचौली का खेल चलता रहा। इस वजह से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी परेशानी हुई। जिला अस्पताल की विद्युत आपूर्ति के लिए अलग फीडर है, ताकि बिजली आपूर्ति बिना रुके चलती रहे, लेकिन अस्पताल परिसर की बिजली तीन घंटे तक बाधित रही। इस दौरान अस्पताल के जनरेटर से भी विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था सुचारु नहीं रही। गर्मी में मरीज, तीमारदार और अस्पताल के स्टाफ को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।