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हाथरस : कई निजी पैथोलॉजी सेंटरों से भी जुड़े थे बच्चा चोर गिरोह के तार

Fri, 02 Sep 2022 10:57 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 10:57 PM IST
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Hathras: The strings of the child thief gang were also associated with many private pathology centers
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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बच्चा चोर गिरोह के रोज नये कारनामे सामने आ रहे हैं। उसके तार शहर के कई पैथोलॉजी सेंटरों से भी जुड़े थे। पुलिस भी अब कई पहलुओं को लेकर इस मामले में विवेचना कर रही है। इस मामले में कुछ और लोगों पर शिकंजा कसा जा सकता है। जांच में पता चला है कि गिरोह की सरगना द्वारा गर्भवती महिलाओं की खून जांच में पैथोलॉजी संचालक से ब्लड काउंट कम लिखने के लिए भी कहा जाता था, ताकि इसकी एवज में वह मरीजों से मोटी रकम वसूल सके।
उल्लेखनीय है कि मथुरा की राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह के आठ सदस्य दबोचे थे। इसका सरगना हाथरस का एक फार्मासिस्ट था। उसकी पत्नी भी गिरफ्तार की गई थी। पकड़ा गया फार्मासिस्ट प्रेमबिहारी संविदा पर स्वास्थ्य विभाग में तैनात था और उसकी पत्नी दयावती भी यहीं स्वास्थ्य विभाग में तैनात है। इस गिरोह से एक बच्चा भी बरामद हुआ था, जोकि मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन से चुराया गया था। यह गिरोह मानव तस्करी करता था। इसकी जानकारी पाकर यहां का प्रशासन भी सक्रिय हुआ था।
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सोमवार की शाम को प्रशासन ने उक्त फार्मासिस्ट के नवल नगर स्थित एक अस्पताल बांके विहारी हॉस्पिटल को सील कर दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही उसका हाथरस जंक्शन स्थित अस्पताल भी सील कर दिया गया था। गिरोह में दो आशा कार्यकर्ता भी शामिल थीं और इन दोनों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इस गिरोह ने अपना नेटवर्क दूर-दूर तक बिछा रखा था। बच्चों की तस्करी इस गिरोह का मुख्य काम था।
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सूत्रों का कहना है कि यह दंपती खुद स्वास्थ्य विभाग में तैनात हैं, इसलिए विभाग में इनकी अच्छी घुसपैठ थी। बच्चा चोर गिरोह के सरगना दम्पती के तार शहर के कई पैथोलॉजी संचालकों से भी जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि डॉ. दयावती अपने अस्पताल में आने वाली गर्भवती महिलाओं को निजी पैथोलॉजी पर खून की जांच के लिए भेजती थी।

वहां पहले ही यह कहवा दिया जाता था कि इसकी खून की रिपोर्ट अच्छी नहीं आनी चाहिए यानि खून को कम दर्शाने के लिए कहा जाता था और पैथोलॉजी संचालक भी उसी के हिसाब से रिपोर्ट बनाते थे। इसके एवज में इलाज के नाम पर मरीजों से यह दंपती मोटी रकम वसूलता था। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में है, जिससे अन्य कारनामे सामने आ सकें। संवाद
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