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हाथरस : गहराई रोडवेज बसों की किल्लत, यात्रियों की बढ़ीं मुश्किलें
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हाथरस : विधानसभा चुनाव के मतदान के लिए पुलिस बल की रवानगी के लिए पुलिस लाइन में खड़ीं रोडवेज बसें।
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक तरफ विधानसभा चुनाव तो दूसरी तरफ सहालग का तगड़ा सीजन। यह दोनों मौके रोडवेज बस यात्रियों के लिए मुसीबत बन गए हैं। एक तो वैसे ही सहालग के चलते रोडवेज बसों में यात्रियों की जबर्दस्त भीड़ उमड़ रही है और दूसरी तरफ ज्यादातर बसें चुनाव ड्यूटी के लिए पुलिस बल लेकर दूसरे जिलों में भेज दी गई हैं। यह बसें चुनाव खत्म होने के बाद ही वापस लौट सकेंगी। हाथरस में डिपो में कुल 77 बसें हैं। इनमें से अब तक 34 बसें चुनाव ड्यूटी के लि भेजी जा चुकी हैं। इनमें से 11 बसें तो रविवार को ही रवाना की गई हैं। नतीजा, बसों की किल्लत और गहरा गई है। लोगों के लिए सड़क मार्ग से यात्रा बड़ी चुनौती बन गई है।
बसों की किल्लत के चलते यात्रियों को स्टॉपेज पर कई घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। जैसे ही कोई बस आकर स्टॉपेज पर रुकती है तो उसमें चढ़ने के लिए जबर्दस्त मारामारी मच जाती है। धक्का-मुुक्की में कई यात्री तो गिरकर जख्मी तक हो जाते हैं या फिर उनके कपड़े फट जाते हैं और सामान अस्त-व्यस्त हो जाता है। लोकल रूट या हो लंबा रूट, सभी पर बसों की किल्लत है। यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों में जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है, वो भी मुंहमांगे भाड़ा देकर। सबसे ज्यादा परेशानी आगरा और अलीगढ़ रूट के यात्रियों को है। यहां एक-एक घंटे के इंतजार के बाद यात्रियाें को बस मिल पा रही है। संवाद
अतरौली डिपो से मंगानी पड़ीं नौ बसें
हाथरस। रविवार को हाथरस डिपो की 11 बसें कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों को चुनाव ड्यूटी के लिए लेकर रवाना हुई हैं। बसों की कमी को देखते हुए हाथरस डिपो के अधिकारियों ने नौ बसें अतरौली डिपो से मंगवाई। तब जाकर चुनाव ड्यूटी के लिए बसों की कमी पूरी की गई। आने वाले दिनों में अधिकारी बसों की कमी न होने का आश्वासन दे रहे हैं।
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एक तरफ विधानसभा चुनाव तो दूसरी तरफ सहालग का तगड़ा सीजन। यह दोनों मौके रोडवेज बस यात्रियों के लिए मुसीबत बन गए हैं। एक तो वैसे ही सहालग के चलते रोडवेज बसों में यात्रियों की जबर्दस्त भीड़ उमड़ रही है और दूसरी तरफ ज्यादातर बसें चुनाव ड्यूटी के लिए पुलिस बल लेकर दूसरे जिलों में भेज दी गई हैं। यह बसें चुनाव खत्म होने के बाद ही वापस लौट सकेंगी। हाथरस में डिपो में कुल 77 बसें हैं। इनमें से अब तक 34 बसें चुनाव ड्यूटी के लि भेजी जा चुकी हैं। इनमें से 11 बसें तो रविवार को ही रवाना की गई हैं। नतीजा, बसों की किल्लत और गहरा गई है। लोगों के लिए सड़क मार्ग से यात्रा बड़ी चुनौती बन गई है।
बसों की किल्लत के चलते यात्रियों को स्टॉपेज पर कई घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। जैसे ही कोई बस आकर स्टॉपेज पर रुकती है तो उसमें चढ़ने के लिए जबर्दस्त मारामारी मच जाती है। धक्का-मुुक्की में कई यात्री तो गिरकर जख्मी तक हो जाते हैं या फिर उनके कपड़े फट जाते हैं और सामान अस्त-व्यस्त हो जाता है। लोकल रूट या हो लंबा रूट, सभी पर बसों की किल्लत है। यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों में जोखिम भरा सफर करना पड़ रहा है, वो भी मुंहमांगे भाड़ा देकर। सबसे ज्यादा परेशानी आगरा और अलीगढ़ रूट के यात्रियों को है। यहां एक-एक घंटे के इंतजार के बाद यात्रियाें को बस मिल पा रही है। संवाद
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अतरौली डिपो से मंगानी पड़ीं नौ बसें
हाथरस। रविवार को हाथरस डिपो की 11 बसें कांस्टेबल और हेड कांस्टेबलों को चुनाव ड्यूटी के लिए लेकर रवाना हुई हैं। बसों की कमी को देखते हुए हाथरस डिपो के अधिकारियों ने नौ बसें अतरौली डिपो से मंगवाई। तब जाकर चुनाव ड्यूटी के लिए बसों की कमी पूरी की गई। आने वाले दिनों में अधिकारी बसों की कमी न होने का आश्वासन दे रहे हैं।
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