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हाथरस : बस स्टेशन के लिए भूमि अधिग्रहण में फंसा नियम का पेच

Thu, 26 May 2022 12:01 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 12:01 AM IST
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Hathras: The problem of the rule involved in the acquisition of land for the bus station
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
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रोडवेज बस स्टेशन के लिए ग्राम सभा महामई सलावतनगर में चयनित भूमि के अधिग्रहण में नियमों का पेच फंस गया है। नियम के मुताबिक कोई भी सार्वजनिक भूमि सरकारी विभाग को तो मुफ्त में दी जा सकती है, लेकिन परिवहन निगम को नहीं। निगम को इस भूमि के लिए इसकी बाजार कीमत के हिसाब से 92 लाख 30,000 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा। जाहिर है कि अगर परिवहन निगम यह रकम चुकाने को तैयार नहीं हुआ तो नगर में रोडवेज बस स्टैंड बनाने की प्रक्रिया फिर लटक जाएगी।
गौरतलब है कि रोडवेज बस स्टैंड बनाने की मांग स्थानीय बाशिंदे लंबे समय से उठा रहे हैं। काफी खोजबीन के बाद ग्राम पंचायत महामई सलावत नगर में चारागाह की भूमि को इसके लिए चुन लिया गया। क्षेत्रीय विधायक वीरेंद्र सिंह राना के प्रयास इस भूमि को बस स्टैंड के लिए आवंटित करने का प्रस्ताव भी हो गया। 21 जनवरी 2021 को जिलाधिकारी रमेश रंजन ने प्रमुख सचिव परिवहन को जो पत्र लिखा है, उससे फिर बस स्टैंड बनाने की योजना पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।
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डीएम ने अपने पत्र में लिखा है कि माह सितंबर 2020 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा की थी। सीएम ने बस स्टैंड के निर्माण के लिए स्थल का चयन कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। डीएम ने बताया है कि बस स्टेशन के लिए तहसील की ग्राम सभा महामई सलावतनगर के गाटा संख्या 620 चारागाह की भूमि चिन्हित की गई थी। इसमें से 1.30 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव सितंबर 2020 में भूमि प्रबंध समिति द्वारा किया गया था। इस प्रकार की भूमि की श्रेणी में परिवर्तन के नियम के तहत यह भूमि परिवहन विभाग को तो निशुल्क दी जा सकती है, लेकिन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को सशुल्क ही दी जा सकेगी।
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चयनित जमीन की सर्किल दर 71 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से 92 लाख 30 हजार रुपये परिवहन निगम को देने होंगे। तब इस भूमि पर बस स्टैंड बन सकेगा। परिवहन निगम की ऐसी स्थिति नहीं है कि वह इस भूमि के लिए इतनी बड़ी कीमत अदा कर सके। ऐसे में बस स्टैंड निर्माण की योजना का भविष्य क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। संवाद
बस स्टेशन के बिना खुले में इंतजार करते हैं यात्री
सिकंदराराऊ। नगर में बस स्टैंड बनना यात्रियों की सुविधा के लिहाज से बेहद जरूरी है। अभी तक यात्रियों को सड़क पर इधर-उधर खड़े होकर गंतव्य के लिए बस पकड़नी पड़ती है। तपती धूप और बारिश के मौसम में यह इंतजार और ज्यादा मुश्किल हो जाता है। असल परेशानी तो तब होगी, जब राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) का बाईपास चालू हो जाएगा। बाईपास बनने के बाद रोडवेज बसें वहीं होकर निकलने लगेंगी। शहर के अंदर बसों की आवाजाही न के बराबर रह जाएगी। अगर महामई सलावतनगर में बस स्टेशन बन जाता तो यह बाईपास के बेहद करीब था। यहां से यात्रियों को बस पकड़ने में सुविधा रहती। संवाद

जिलाधिकारी ने बस स्टैंड बनाने के लिए दूसरी जगह तलाशने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही किसी उपयुक्त जमीन का चयन कर लिया जाएगा और बस स्टैंड बनाने की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
-अंकुर वर्मा, उपजिलाधिकारी सिकंदराराऊ
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