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हाथरस : महंगाई की मार से छोटा हो गया रावण के पुतले का कद
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हाथरस : पॉलिटैक्निक के मैदान में रावण दहन से पूर्व सफाई कराते नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा। संवा?
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
महंगाई की मार रावण के पुतले पर भी पड़ी है। हर वर्ष यह पुतला सात फीट ऊंचा होता था, लेकिन इस बार इसकी ऊंचाई 40 फीट ही रह गई है। रावण का पुतला इस बार जयपुर से मंगाया गया है। रावण के पुतले का दहन इस वर्ष शहर के एमजी पॉलीटेक्निक के मैदान में होगा। इसके लिए मैदान पर नगर पालिका प्रशासन ने सफाई भी कराई। शुक्रवार की रात को आठ बजे रावण के पुतले का दहन होगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल कोरोना के चलते रावण के पुतले का जिला प्रशासन ने दहन नहीं होने दिया था। इससे रामलीला कमेटी को करीब 50 हजार रुपये का नुकसान भी हुआ था। इस बार रामलीला महोत्सव के आयोजकों को यही डर सताता रहा कि कहीं इस बार भी प्रशासन इस पर रोक न लगा दे। ऐसे में यहां तो पुतला नहीं बनवाया, लेकिन आयोजन कमेटी ने रावण का पुतला जयपुर से मंगाया है। पुतले की ऊंचाई करीब 40 फीट है, जबकि हर वर्ष 70 फीट का रावण का पुतला फूंका जाता था।
ऐसे में माना जा रहा है कि महंगाई के चलते रावण के पुतले की ऊंचाई में कमी आई है। रावण दहन के समय आगरा-अलीगढ़ रोड पर कुछ समय के लिए रूट भी डायवर्ट किया जाएगा। शुक्रवार को रात्रि आठ बजे रावण के पुतला का दहन होगा। रामलीला कमेटी से जुड़े पवन गौतम ने बताया कि इस बार रावण का पुतला जयपुर से मंगाया गया है। यह पिछले साल की अपेक्षा 25 हजार रुपये महंगा है। संवाद
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महंगाई की मार रावण के पुतले पर भी पड़ी है। हर वर्ष यह पुतला सात फीट ऊंचा होता था, लेकिन इस बार इसकी ऊंचाई 40 फीट ही रह गई है। रावण का पुतला इस बार जयपुर से मंगाया गया है। रावण के पुतले का दहन इस वर्ष शहर के एमजी पॉलीटेक्निक के मैदान में होगा। इसके लिए मैदान पर नगर पालिका प्रशासन ने सफाई भी कराई। शुक्रवार की रात को आठ बजे रावण के पुतले का दहन होगा।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल कोरोना के चलते रावण के पुतले का जिला प्रशासन ने दहन नहीं होने दिया था। इससे रामलीला कमेटी को करीब 50 हजार रुपये का नुकसान भी हुआ था। इस बार रामलीला महोत्सव के आयोजकों को यही डर सताता रहा कि कहीं इस बार भी प्रशासन इस पर रोक न लगा दे। ऐसे में यहां तो पुतला नहीं बनवाया, लेकिन आयोजन कमेटी ने रावण का पुतला जयपुर से मंगाया है। पुतले की ऊंचाई करीब 40 फीट है, जबकि हर वर्ष 70 फीट का रावण का पुतला फूंका जाता था।
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ऐसे में माना जा रहा है कि महंगाई के चलते रावण के पुतले की ऊंचाई में कमी आई है। रावण दहन के समय आगरा-अलीगढ़ रोड पर कुछ समय के लिए रूट भी डायवर्ट किया जाएगा। शुक्रवार को रात्रि आठ बजे रावण के पुतला का दहन होगा। रामलीला कमेटी से जुड़े पवन गौतम ने बताया कि इस बार रावण का पुतला जयपुर से मंगाया गया है। यह पिछले साल की अपेक्षा 25 हजार रुपये महंगा है। संवाद
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