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हाथरस : कुपोषित बच्चों के परिजनों को नहीं मिला सहभागिता योजना का लाभ
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पशुपालन विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते सहभागिता योजना को जिले में अमलीजामा नहीं पहनाया जा पा रहा है। सीएम के निर्देशों का भी यहां के अधिकारी पालन नहीं कर रहे। कुपोषित बच्चों के परिजनों को इस योजना के तहत दुधारू पशु दिए जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कुपोषित बच्चों के परिजनों को इस योजना से लाभान्वित नहीं किया गया है। अब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने इस सिलसिले में डीपीओ व सीवीओ को पत्र लिखा है और इस योजना पर अमल कराने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि सीएम ने वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के जरिये निर्देश दिए थे कि कुपोषित बच्चों के लिए निराश्रित गोआश्रय स्थल से सहभागिता योजना के तहत दुधारू पशु देकर एक गोवंश उपलब्ध कराया जाए, जिससे बच्चे कुपोषण मुक्त हो सकें। गोवंश के भरण-पोषण के लिए 900 रुपये प्रतिमाह की धनराशि भी दी जाए।
इस क्रम में सीवीओ व डीपीओ को निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन दोनों ही अफसरों ने इस मामले में लापरवाही बरती है। अब सीडीओ आरबी भास्कर ने इस संबंध में दोनों ही अधिकारियों को पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा है कि सहभागिता योजना विभागीय अफसरों के लापरवाही के चलते कुपोषित बच्चों तक नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिले में कुपोषित बच्चों के परिवार को इस योजना से लाभान्वित किया जाए। संवाद
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पशुपालन विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते सहभागिता योजना को जिले में अमलीजामा नहीं पहनाया जा पा रहा है। सीएम के निर्देशों का भी यहां के अधिकारी पालन नहीं कर रहे। कुपोषित बच्चों के परिजनों को इस योजना के तहत दुधारू पशु दिए जाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कुपोषित बच्चों के परिजनों को इस योजना से लाभान्वित नहीं किया गया है। अब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने इस सिलसिले में डीपीओ व सीवीओ को पत्र लिखा है और इस योजना पर अमल कराने को कहा है।
उल्लेखनीय है कि सीएम ने वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के जरिये निर्देश दिए थे कि कुपोषित बच्चों के लिए निराश्रित गोआश्रय स्थल से सहभागिता योजना के तहत दुधारू पशु देकर एक गोवंश उपलब्ध कराया जाए, जिससे बच्चे कुपोषण मुक्त हो सकें। गोवंश के भरण-पोषण के लिए 900 रुपये प्रतिमाह की धनराशि भी दी जाए।
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इस क्रम में सीवीओ व डीपीओ को निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन दोनों ही अफसरों ने इस मामले में लापरवाही बरती है। अब सीडीओ आरबी भास्कर ने इस संबंध में दोनों ही अधिकारियों को पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा है कि सहभागिता योजना विभागीय अफसरों के लापरवाही के चलते कुपोषित बच्चों तक नहीं पहुंच पा रही है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिले में कुपोषित बच्चों के परिवार को इस योजना से लाभान्वित किया जाए। संवाद
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