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हाथरस : अस्पतालों में कम नहीं हो रही बुखार पीड़ितों की भीड़
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हाथरस : बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
मौसम में आए बदलाव के चलते वायरल बुखार लोगों को चपेट में ले रहा है। इसमें तेजी से गिरते रोगी के प्लेटलेट्स के कारण लोगों को डेंगू का खतरा सता रहा है। निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 25 से 30 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। इसे लेकर चिकित्सकों द्वारा दवा के साथ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी जा रही है।
डॉक्टरों ने बताया कि इस बार वायरल बुखार आक्रामक रूप दिखा रहा है। नाक बहने, गले में खराश, आंखें लाल होना, जाइंट में दर्द, जुकाम व तेज बुखार के लक्षणों के साथ प्लेटलेट्स भी कम होने की शिकायत भी मरीजों में सामने आ रही हैं। वायरल बुखार के स्वरूप में बदलाव आया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल बुखार के बहुत ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इस बार वायरल में प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत काफी देखने को मिल रही है। संवाद
वायरल फीवर के लक्षण
- वायरल बुखार में सिरदर्द एक सामान्य लक्षण है।
- आंखों का लाल होना भी वायरल बुखार का एक लक्षण है।
- आंखों में जलन भी वायरल बुखार का लक्षण है।
- गले में दर्द वायरल बुखार का लक्षण है।
- बहुत ज्यादा ठंडा लगना भी वायरल बुखार के लक्षण मैं आता है।
- शरीर में दर्द इसका बहुत ही सामान्य लक्षण है।
- शरीर का तापमान बढ़ना या शरीर का बहुत अधिक गर्म होना वायरल बुखार के लक्षण हैं।
- जोड़ों का दर्द भी इस बीमारी का संकेत है।
- बुखार एक दिन में आसानी से ठीक नहीं होता है, अगर रोगी को उचित इलाज मिल जाए तो कम से कम 4 से 5 दिन लगेंगे। इस बीमारी में मरीज को समय पर इलाज न मिलने पर काफी परेशानी हो सकती है।
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वायरल बुखार और डेंगू में अंतर
दरअसल डेंगू की बीमारी मानसून के मौसम में ज्यादा फैलती है, जबकि वायरल बुखार मौसम बदलने से ज्यादा होता है। दोनों बीमारियों के लक्षण बहुत हद तक एक जैसे हैं। डेंगू एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि वायरल बुखार संक्रमण से फैलता है। डेंगू का मच्छर साफ़ और गंदे दोनों पानी के ठहराव में पनपता है। डेंगू के टेस्ट में रिपोर्ट पहली बार में ही पॉजिटिव नहीं आ जाती है, जबकि वायरल बुखार का पहली बार में ही पता लगाया जा सकता है। डेंगू और वायरल बुखार से अधिक घातक बीमारी है, इसलिए डेंगू के मरीज को देखभाल की ज्यादा आवश्यकता होती है।
वायरल बुखार होने के मुख्य कारण
- वायरल बुखार होने के बहुत से कारण है। यह बीमारी मौसम के बदलने और मानसून के समय अधिक होती है।
- संक्रमित भोजन और पानी का सेवन वायरल बुखार का कारण हो सकता है।
- प्रदूषण के कारण कुछ ऐसे कण होते हैं जो शरीर के अंदर चले जाते हैं, जिससे शरीर कमजोर हो जाता है और वायरल बुखार हो जाता है।
- कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण शरीर वायरल बुखार से संक्रमित हो जाता है।
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी वायरल बुखार फैलता है।
वायरल बुखार का समय
वायरल बुखार सामान्य बुखार के तुलनात्मक रूप से थोड़ा अधिक समय तक रहता है। वायरल बुखार के मरीज को अगर समय पर इलाज और देखभाल मिल जाए तो इसमें पांच दिन तक लग सकते हैं। अगर किसी मरीज को सही इलाज न मिले तो वायरल बुखार ठीक होने में 13 से 15 दिन तक का समय लग सकता है। ऐसे में मरीजों को जितना हो सके आराम करना चाहिए और खूब पानी पीना चाहिए। इससे उन्हें जल्द ठीक होने में मदद मिलेगी। अगर किसी मरीज की स्थिति गंभीर हो रही है और बुखार कम नहीं हो रहा है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। जिला अस्पताल से दवा लेने आया हूं। सीने में भी हल्के दर्द की शिकायत है।
-सरवर बेग, मरीज
सर्दी लगने के कारण थोड़ा जुकाम हो गया है। पूरे शरीर में दर्द हो रहा है। सीने में भी दर्द है। उसी की दवा लेने आया हूं।
रघुवीर, मरीज
सीने में दर्द है। मौसम में बदलाव के कारण समस्या बढ़ रही है। उसी की दवा लेने आया हूं, लेकिन यहां पर तो काफी भीड़ है।
-देवप्रकाश, मरीज
बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार की चपेट में आ गया हूं। पेट में भी दर्द की शिकायत है। उसी को दवा दिलवाने के लिए अस्पताल आया हूं।
-डोरीलाल, तीमारदार
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मौसम में आए बदलाव के चलते वायरल बुखार लोगों को चपेट में ले रहा है। इसमें तेजी से गिरते रोगी के प्लेटलेट्स के कारण लोगों को डेंगू का खतरा सता रहा है। निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 25 से 30 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार के आ रहे हैं। इसे लेकर चिकित्सकों द्वारा दवा के साथ लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी जा रही है।
डॉक्टरों ने बताया कि इस बार वायरल बुखार आक्रामक रूप दिखा रहा है। नाक बहने, गले में खराश, आंखें लाल होना, जाइंट में दर्द, जुकाम व तेज बुखार के लक्षणों के साथ प्लेटलेट्स भी कम होने की शिकायत भी मरीजों में सामने आ रही हैं। वायरल बुखार के स्वरूप में बदलाव आया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में वायरल बुखार के बहुत ज्यादा मरीज आ रहे हैं। इस बार वायरल में प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत काफी देखने को मिल रही है। संवाद
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वायरल फीवर के लक्षण
- वायरल बुखार में सिरदर्द एक सामान्य लक्षण है।
- आंखों का लाल होना भी वायरल बुखार का एक लक्षण है।
- आंखों में जलन भी वायरल बुखार का लक्षण है।
- गले में दर्द वायरल बुखार का लक्षण है।
- बहुत ज्यादा ठंडा लगना भी वायरल बुखार के लक्षण मैं आता है।
- शरीर में दर्द इसका बहुत ही सामान्य लक्षण है।
- शरीर का तापमान बढ़ना या शरीर का बहुत अधिक गर्म होना वायरल बुखार के लक्षण हैं।
- जोड़ों का दर्द भी इस बीमारी का संकेत है।
- बुखार एक दिन में आसानी से ठीक नहीं होता है, अगर रोगी को उचित इलाज मिल जाए तो कम से कम 4 से 5 दिन लगेंगे। इस बीमारी में मरीज को समय पर इलाज न मिलने पर काफी परेशानी हो सकती है।
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वायरल बुखार और डेंगू में अंतर
दरअसल डेंगू की बीमारी मानसून के मौसम में ज्यादा फैलती है, जबकि वायरल बुखार मौसम बदलने से ज्यादा होता है। दोनों बीमारियों के लक्षण बहुत हद तक एक जैसे हैं। डेंगू एडीज एजिप्टी नामक मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि वायरल बुखार संक्रमण से फैलता है। डेंगू का मच्छर साफ़ और गंदे दोनों पानी के ठहराव में पनपता है। डेंगू के टेस्ट में रिपोर्ट पहली बार में ही पॉजिटिव नहीं आ जाती है, जबकि वायरल बुखार का पहली बार में ही पता लगाया जा सकता है। डेंगू और वायरल बुखार से अधिक घातक बीमारी है, इसलिए डेंगू के मरीज को देखभाल की ज्यादा आवश्यकता होती है।
वायरल बुखार होने के मुख्य कारण
- वायरल बुखार होने के बहुत से कारण है। यह बीमारी मौसम के बदलने और मानसून के समय अधिक होती है।
- संक्रमित भोजन और पानी का सेवन वायरल बुखार का कारण हो सकता है।
- प्रदूषण के कारण कुछ ऐसे कण होते हैं जो शरीर के अंदर चले जाते हैं, जिससे शरीर कमजोर हो जाता है और वायरल बुखार हो जाता है।
- कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण शरीर वायरल बुखार से संक्रमित हो जाता है।
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी वायरल बुखार फैलता है।
वायरल बुखार का समय
वायरल बुखार सामान्य बुखार के तुलनात्मक रूप से थोड़ा अधिक समय तक रहता है। वायरल बुखार के मरीज को अगर समय पर इलाज और देखभाल मिल जाए तो इसमें पांच दिन तक लग सकते हैं। अगर किसी मरीज को सही इलाज न मिले तो वायरल बुखार ठीक होने में 13 से 15 दिन तक का समय लग सकता है। ऐसे में मरीजों को जितना हो सके आराम करना चाहिए और खूब पानी पीना चाहिए। इससे उन्हें जल्द ठीक होने में मदद मिलेगी। अगर किसी मरीज की स्थिति गंभीर हो रही है और बुखार कम नहीं हो रहा है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।
पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। जिला अस्पताल से दवा लेने आया हूं। सीने में भी हल्के दर्द की शिकायत है।
-सरवर बेग, मरीज
सर्दी लगने के कारण थोड़ा जुकाम हो गया है। पूरे शरीर में दर्द हो रहा है। सीने में भी दर्द है। उसी की दवा लेने आया हूं।
रघुवीर, मरीज
सीने में दर्द है। मौसम में बदलाव के कारण समस्या बढ़ रही है। उसी की दवा लेने आया हूं, लेकिन यहां पर तो काफी भीड़ है।
-देवप्रकाश, मरीज
बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार की चपेट में आ गया हूं। पेट में भी दर्द की शिकायत है। उसी को दवा दिलवाने के लिए अस्पताल आया हूं।
-डोरीलाल, तीमारदार