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हाथरस : अधूरे पुल से नीचे गिरता टैंकर तो हो सकता था बड़ा हादसा
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हाथरस : टैंकर को उठाती क्रेन। संवाद
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
गनीमत रही कि एलपीजी गैस से भरा टैंकर पुल के प्रवेश द्वार पर ही पलट गया। अगर यह किसी तरह अपूर्ण पुल पर आगे चला जाता और पुल से 20 मीटर नीचे गिरता तो गंभीर हादसा होने की पूरी संभावना थी।
बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 91 पर केवल एटा रोड मंडी समिति के पास का पुल अधूरा है। इसकी वजह रेलवे लाइन के ऊपर पुल बनाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) रेलवे से कई दिनों बाद मिली है। आवागमन में असुविधा न हो, इसके लिए दो सर्विस रोड बनाए गए हैं। इन पर होकर हर तरह के वाहन गुजरते हैं।
दिल्ली-कानपुर मार्ग पर बड़ी संख्या में टोल बचाने के चक्कर में वाहन इसी पुल का प्रयोग करते हैं। अगर किसी तरह चालक पुल के प्रवेश पर लगे अवरोधकों को पार कर आगे बढ़ जाता तो आगे मंडी समिति के समीप अधूरे बने पुल से 20 मीटर नीचे गिरता। अगर ऐसा हो जाता तो गैस का रिसाव तेजी से हो सकता था और गंभीर हादसा हो जाता। अधूरे पुल पर लोहे की सरियों का मोटा जाल भी बाहर निकला हुआ है। संवाद
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गनीमत रही कि एलपीजी गैस से भरा टैंकर पुल के प्रवेश द्वार पर ही पलट गया। अगर यह किसी तरह अपूर्ण पुल पर आगे चला जाता और पुल से 20 मीटर नीचे गिरता तो गंभीर हादसा होने की पूरी संभावना थी।
बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 91 पर केवल एटा रोड मंडी समिति के पास का पुल अधूरा है। इसकी वजह रेलवे लाइन के ऊपर पुल बनाने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) रेलवे से कई दिनों बाद मिली है। आवागमन में असुविधा न हो, इसके लिए दो सर्विस रोड बनाए गए हैं। इन पर होकर हर तरह के वाहन गुजरते हैं।
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दिल्ली-कानपुर मार्ग पर बड़ी संख्या में टोल बचाने के चक्कर में वाहन इसी पुल का प्रयोग करते हैं। अगर किसी तरह चालक पुल के प्रवेश पर लगे अवरोधकों को पार कर आगे बढ़ जाता तो आगे मंडी समिति के समीप अधूरे बने पुल से 20 मीटर नीचे गिरता। अगर ऐसा हो जाता तो गैस का रिसाव तेजी से हो सकता था और गंभीर हादसा हो जाता। अधूरे पुल पर लोहे की सरियों का मोटा जाल भी बाहर निकला हुआ है। संवाद
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