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हाथरस : रबी की फसल में लगने वाले कीट व रोगों को लेकर किया सर्वे

Wed, 15 Dec 2021 12:42 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 12:42 AM IST
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Hathras: Survey done on pests and diseases in Rabi crops
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी राम किशन सिंह ने टीम के साथ सादाबाद, सहपऊ, हसायन और सिकंदराराऊ में रबी की फसलों में लगने वाले कीट और रोगों को लेकर सर्वेक्षण किया।
भ्रमण के दौरान उन्होंने किसानों को सलाह दी कि रबी की प्रमुख फसलों में राई, सरसों, चना, मटर एवं मक्का में लगने वाले कीट तथा रोगों से बचाव के लिए नियमित निगरानी करें। कीट/रोग के लक्षण परलक्षित होने पर तत्काल सुझाव एवं संस्तुतियों को अपनाकर फसल को बचा सकते हैं। राई, सरसों में आरा मक्खी एवं बालदार सूंडी के नियंत्रण के लिए मैलाथियान 50 प्रतिशत ईसी 1.5 लीटर अथवा इमीडाक्लोप्रिड 70 प्रतिशत डब्ल्यूएस की 700 ग्राम मात्रा को प्रति हेक्टेयर की दर से 600-750 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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माहूं एवं पत्ती सुरंगक कीट के नियंत्रण के लिए एजाडिरेक्टिन 0.15 प्रतिशत ईसी की 2.5 लीटर मात्रा को 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। रासायनिक नियंत्रण डाईमेथोएट 30 प्रतिशत ईसी अथवा क्लोरोपायरीफास 20 प्रतिशत ईसी की 1.0 लीटर मात्रा को 600-750 ली0 पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। अल्टरनेरिया पत्ती धब्बा, सफेद गेरूई एवं तुलासिता रोग के नियंत्रण के लिए मैंकोजेब 75 प्रतिशत डब्लूपी अथवा जिनेब 75 प्रतिशत डब्लूपी की 2.0 किग्रा अथवा मेटालेक्सिल 8 प्रतिशत तथा मैंकोजेब 64 प्रतिशत डब्लूपी की 2.5 किग्रा मात्रा को प्रति हेक्टेयर की दर से 600 से 750 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। संवाद
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