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हाथरस : एसटीएफ ने जयपुर में दबोचा 50 हजार रुपये का इनामी बर्खास्त सिपाही
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हाथरस : पुलिस की गिरफ्त में दुष्कर्म का आरोपी बर्खास्त सिपाही। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ/सादाबाद (हाथरस)।
किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी बर्खस्त सिपाही को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शुक्रवार की दोपहर करीब 12.10 बजे जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था। पूछताछ के बाद आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपी बर्खास्त सिपाही पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगीन मामलों में फरार चल रहे अपराधियों को दबोचने के लिए एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं। शुक्रवार को एसटीएफ आगरा को बड़ी सफलता मिली है। सादाबाद थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा बरामई निवासी अजीत पुत्र नवल को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली पुलिस ने बताया कि अजीत के खिलाफ वर्ष 2019 में किशोरी के साथ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से वह लगातार फरार चल रहा है। आरोपी के जयपुर में छिपे होने की जानकारी के बाद एसटीएफ आगरा ने पूरी तैयारी से उसे दबोच लिया। अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आगरा राकेश एवं पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ आगरा उदय प्रताप सिंह की मदद से इस आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में अजीत सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2011 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के रूप में भर्ती हुआ था। वर्ष 2019 में वह गाजियाबाद जिले में यातायात पुलिस में तैनात था। इस दौरान उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 325, 376, 3/4 पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद से वह लगातार छिपकर रह रहा है। इस समय वह अपने बहनोई के यहां जयपुर में छिपकर रह रहा था। वर्ष 2012 में उसकी शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। कोतवाली पुलिस ने भी आरोपी को पकड़ने के लिए काफी भागदौड़ की थी। इसके बाद भी पुलिस को सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। संवाद
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किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी बर्खस्त सिपाही को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने शुक्रवार की दोपहर करीब 12.10 बजे जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था। पूछताछ के बाद आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपी बर्खास्त सिपाही पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगीन मामलों में फरार चल रहे अपराधियों को दबोचने के लिए एसटीएफ की कई टीमें लगी हुई हैं। शुक्रवार को एसटीएफ आगरा को बड़ी सफलता मिली है। सादाबाद थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा बरामई निवासी अजीत पुत्र नवल को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली पुलिस ने बताया कि अजीत के खिलाफ वर्ष 2019 में किशोरी के साथ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। तब से वह लगातार फरार चल रहा है। आरोपी के जयपुर में छिपे होने की जानकारी के बाद एसटीएफ आगरा ने पूरी तैयारी से उसे दबोच लिया। अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आगरा राकेश एवं पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ आगरा उदय प्रताप सिंह की मदद से इस आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
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पूछताछ में अजीत सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2011 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के रूप में भर्ती हुआ था। वर्ष 2019 में वह गाजियाबाद जिले में यातायात पुलिस में तैनात था। इस दौरान उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 325, 376, 3/4 पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद से वह लगातार छिपकर रह रहा है। इस समय वह अपने बहनोई के यहां जयपुर में छिपकर रह रहा था। वर्ष 2012 में उसकी शादी हुई थी और उसके दो बच्चे हैं। कोतवाली पुलिस ने भी आरोपी को पकड़ने के लिए काफी भागदौड़ की थी। इसके बाद भी पुलिस को सफलता हाथ नहीं लग सकी थी। उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। संवाद
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