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हाथरस : एक जनपद एक उत्पाद के तहत वित्त पोषण योजना शुरू
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के सहायक आयुक्त उद्योग अधिकारी एससी गर्ग ने बताया कि शासन ने एक जनपद एक उत्पाद (हींग और रेडीमेड गारमेंट्स) वित्त पोषण योजना शुरू की है। इसके तहत ऋण लेने के इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रारूप पर सभी संलग्नकों सहित अपना आवेदन पत्र स्रद्बह्वश्चद्वह्यद्वद्ग.ह्वश्चह्यस्रष्.द्दश1.द्बठ्ठ वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं।
उन्होंने योजना की शर्त बताते हुए कहा है कि आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नही है। योजनांतर्गत उद्योग, सेवा व व्यवसाय क्षेत्र में वित्त पोषण में सहायता की सुविधा संबंधित जिले में एक जिला एक उत्पाद में चयनित हींग उत्पादन की इकाइयों को ही मिलेगी। आवेदक या औद्योगिक इकाई किसी राष्ट्रीयकृत बैंक/वित्त संस्था/सरकार संस्था इत्यादि का चूककर्ता (डिफोल्टर) नहीं होना चाहिए। आवेदक द्वारा भारत सरकार अथवा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य स्वत: रोजगार योजना का पूर्व में लाभ प्राप्त न किया गया हो। आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य को योजना के तहत केवल एक बार ही लाभान्वित किया जाएगा।
आवेदक को पात्रता की शर्तों को पूरा किए जाने के संबंध में शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा। विशेष श्रेणी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांगजन के लाभार्थियों के लाभ के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाणपत्रों की प्रमाणित प्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा। योजना के तहत 25 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम रुपये 6.25 लाख, इनमें से जो भी कम हो, वह मार्जिन मनी के रूप में देय होगी।
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25 लाख रुपये सेे अधिक एवं 50 लाख रुपये तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए धनराशि 6.25 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत का 20 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, वह मार्जिन मनी के रूप में देय होगी। 50 लाख रुपये से अधिक एवं 150 लाख रुपये तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए 10 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत की 10 फीसदी धनराशि में से जो भी कम होगा, वह मार्जिन मनी के रूप में देय होगी। 150 रुपये से अधिक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, अधिकतम 20 लाख रुपये, जो भी कम हो, वह मार्जिन मनी के रूप में देय होगी।
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जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के सहायक आयुक्त उद्योग अधिकारी एससी गर्ग ने बताया कि शासन ने एक जनपद एक उत्पाद (हींग और रेडीमेड गारमेंट्स) वित्त पोषण योजना शुरू की है। इसके तहत ऋण लेने के इच्छुक आवेदक निर्धारित प्रारूप पर सभी संलग्नकों सहित अपना आवेदन पत्र स्रद्बह्वश्चद्वह्यद्वद्ग.ह्वश्चह्यस्रष्.द्दश1.द्बठ्ठ वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं।
उन्होंने योजना की शर्त बताते हुए कहा है कि आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नही है। योजनांतर्गत उद्योग, सेवा व व्यवसाय क्षेत्र में वित्त पोषण में सहायता की सुविधा संबंधित जिले में एक जिला एक उत्पाद में चयनित हींग उत्पादन की इकाइयों को ही मिलेगी। आवेदक या औद्योगिक इकाई किसी राष्ट्रीयकृत बैंक/वित्त संस्था/सरकार संस्था इत्यादि का चूककर्ता (डिफोल्टर) नहीं होना चाहिए। आवेदक द्वारा भारत सरकार अथवा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित किसी अन्य स्वत: रोजगार योजना का पूर्व में लाभ प्राप्त न किया गया हो। आवेदक अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य को योजना के तहत केवल एक बार ही लाभान्वित किया जाएगा।
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आवेदक को पात्रता की शर्तों को पूरा किए जाने के संबंध में शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा। विशेष श्रेणी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांगजन के लाभार्थियों के लाभ के लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत प्रमाणपत्रों की प्रमाणित प्रति आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना अनिवार्य होगा। योजना के तहत 25 लाख तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम रुपये 6.25 लाख, इनमें से जो भी कम हो, वह मार्जिन मनी के रूप में देय होगी।
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25 लाख रुपये सेे अधिक एवं 50 लाख रुपये तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए धनराशि 6.25 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत का 20 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, वह मार्जिन मनी के रूप में देय होगी। 50 लाख रुपये से अधिक एवं 150 लाख रुपये तक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए 10 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत की 10 फीसदी धनराशि में से जो भी कम होगा, वह मार्जिन मनी के रूप में देय होगी। 150 रुपये से अधिक की कुल परियोजना लागत की इकाइयों के लिए परियोजना लागत का 10 प्रतिशत, अधिकतम 20 लाख रुपये, जो भी कम हो, वह मार्जिन मनी के रूप में देय होगी।