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हाथरस : मच्छरों से बचाव के लिए स्कूल-कॉलेजों में कराएं दवा का छिड़काव
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
बारिश का मौसम होने के कारण स्कूल-कॉलेजों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नमी के कारण विद्यालय भवनों में दरार, सीलन, भवन की नींव में पानी का रिसाव जैसी समस्याएं हो रही हैं।
जलभराव से मच्छर पैदा हो रहे हैं। इसके लिए सभी प्रधानाचार्य कक्षाओं में दवा का छिड़काव कराएं। उपरोक्त निर्देश डीआईओएस ने संयुक्त शिक्षा निदेशक अलीगढ़ मंडल के पत्र के बाद सभी स्कूल-कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को दिए हैं।
संयुक्त शिक्षा निदेशक, अलीगढ़ मंडल, अलीगढ़ के पत्र के आधार पर डीआईओएस रितू गोयल ने जर्जर भवनों व असुरक्षित भवनों का उपयोग न किए जाने के निर्देश सीबीएसई, यूपी बोर्ड व संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दिए हैं।
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डीआईओएस ने बताया कि ऐसा देखने को मिलता है कि भवन में नमी, दरार, नींव में रिसाव आदि पर ध्यान नहीं दिया जाता है। इसलिए ऐसे भवनों की तकनीकी जांच कराएं और उपचारात्मक उपाय कराते हुए इन कमियों को दूर कराएं। नींव के चारों ओर कंकरीट का एप्रेन बना होना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में मिट्टी डालकर पानी के रिसाव को रोका जाना चाहिए।
इसी प्रकार विद्यालय के शौचालय आदि को भी साफ-सुथरा रखना चाहिए। पूरे परिसर में अनावश्यक घास नहीं होनी चाहिए और न ही कूड़े-कचरे का ढेर लगा होना चाहिए, क्योंकि ऐसी गंदगी के स्थान पर जहरीले कीड़े आदि निवास करने लग जाते है। मच्छरों से बचाव के लिए कक्षों में दवा का छिड़काव किया कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
मच्छरों के बचाव के लिए खिड़की आदि पर जाली लगवाने की बात भी कही है। पीने का पानी साफ व स्वच्छ हो, पानी की जांच कराते रहना होगा ताकि पीने के पानी की गुणवत्ता खराब न हो। डीआईओएस ने बताया कि यदि किसी प्रधानाचार्य या प्रबंध समिति की शिथिलता या लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बारिश का मौसम होने के कारण स्कूल-कॉलेजों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नमी के कारण विद्यालय भवनों में दरार, सीलन, भवन की नींव में पानी का रिसाव जैसी समस्याएं हो रही हैं।
जलभराव से मच्छर पैदा हो रहे हैं। इसके लिए सभी प्रधानाचार्य कक्षाओं में दवा का छिड़काव कराएं। उपरोक्त निर्देश डीआईओएस ने संयुक्त शिक्षा निदेशक अलीगढ़ मंडल के पत्र के बाद सभी स्कूल-कॉलेजों के प्रधानाचार्यों को दिए हैं।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक, अलीगढ़ मंडल, अलीगढ़ के पत्र के आधार पर डीआईओएस रितू गोयल ने जर्जर भवनों व असुरक्षित भवनों का उपयोग न किए जाने के निर्देश सीबीएसई, यूपी बोर्ड व संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को दिए हैं।
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डीआईओएस ने बताया कि ऐसा देखने को मिलता है कि भवन में नमी, दरार, नींव में रिसाव आदि पर ध्यान नहीं दिया जाता है। इसलिए ऐसे भवनों की तकनीकी जांच कराएं और उपचारात्मक उपाय कराते हुए इन कमियों को दूर कराएं। नींव के चारों ओर कंकरीट का एप्रेन बना होना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में मिट्टी डालकर पानी के रिसाव को रोका जाना चाहिए।
इसी प्रकार विद्यालय के शौचालय आदि को भी साफ-सुथरा रखना चाहिए। पूरे परिसर में अनावश्यक घास नहीं होनी चाहिए और न ही कूड़े-कचरे का ढेर लगा होना चाहिए, क्योंकि ऐसी गंदगी के स्थान पर जहरीले कीड़े आदि निवास करने लग जाते है। मच्छरों से बचाव के लिए कक्षों में दवा का छिड़काव किया कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
मच्छरों के बचाव के लिए खिड़की आदि पर जाली लगवाने की बात भी कही है। पीने का पानी साफ व स्वच्छ हो, पानी की जांच कराते रहना होगा ताकि पीने के पानी की गुणवत्ता खराब न हो। डीआईओएस ने बताया कि यदि किसी प्रधानाचार्य या प्रबंध समिति की शिथिलता या लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।