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हाथरस: आज से शुरू होगा कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पांच वर्ष की उम्र के अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा एक जुलाई से 30 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान का खाका खींच लिया गया है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) ब्लॉक हाथरस शहर और सासनी राहुल वर्मा ने बताया कि निदेशक आईसीडीएस डॉ. सारिका मोहन के पत्र अनुसार अभियान को शुरू करने से पहले एक से पांच वर्ष की आयु वाले बच्चों में कुपोषण की पहचान के लिए बेसलाइन सर्वे कराया गया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा वजन और लंबाई के आधार पर सैम और मैम बच्चों को चिन्हित किया गया है। वजन और आयु के अनुसार अति कुपोषित बच्चों का भी चिह्नांकन किया गया है।
उन्होंने बताया कि अभियान के लिए तीन थीम निर्धारित की गई हैं। पहले माह में मातृ पोषण, दूसरे माह के अभियान का थीम बाल पोषण व तीसरे माह के अभियान का थीम प्रथम हजार दिवस थीम रखी गई है। पोषण संवर्धन की ओर एक कदम अभियान चलाया जाएगा। पहले महीने का अभियान मातृ पोषण को केंद्र में रखकर चलाया जाएगा। दूसरे महीने के अभियान में थीम बाल पोषण के साथ पोषण प्रबंधन से संबंधित गतिविधियां चलेंगी। तृतीय माह के अभियान में प्रथम हजार दिवस के अनुसार चलेगा। इस दौरान कुपोषित, अतिकुपोषित, सैम और मैम श्रेणी के बच्चों के घर साप्ताहिक गृह भ्रमण और उनकी माताओं को पोषाहार रेसिपी, वजन निगरानी, अनुपूरक आहार आदि के सेवन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
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पांच वर्ष की उम्र के अति कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा एक जुलाई से 30 सितंबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान का खाका खींच लिया गया है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) ब्लॉक हाथरस शहर और सासनी राहुल वर्मा ने बताया कि निदेशक आईसीडीएस डॉ. सारिका मोहन के पत्र अनुसार अभियान को शुरू करने से पहले एक से पांच वर्ष की आयु वाले बच्चों में कुपोषण की पहचान के लिए बेसलाइन सर्वे कराया गया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा वजन और लंबाई के आधार पर सैम और मैम बच्चों को चिन्हित किया गया है। वजन और आयु के अनुसार अति कुपोषित बच्चों का भी चिह्नांकन किया गया है।
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उन्होंने बताया कि अभियान के लिए तीन थीम निर्धारित की गई हैं। पहले माह में मातृ पोषण, दूसरे माह के अभियान का थीम बाल पोषण व तीसरे माह के अभियान का थीम प्रथम हजार दिवस थीम रखी गई है। पोषण संवर्धन की ओर एक कदम अभियान चलाया जाएगा। पहले महीने का अभियान मातृ पोषण को केंद्र में रखकर चलाया जाएगा। दूसरे महीने के अभियान में थीम बाल पोषण के साथ पोषण प्रबंधन से संबंधित गतिविधियां चलेंगी। तृतीय माह के अभियान में प्रथम हजार दिवस के अनुसार चलेगा। इस दौरान कुपोषित, अतिकुपोषित, सैम और मैम श्रेणी के बच्चों के घर साप्ताहिक गृह भ्रमण और उनकी माताओं को पोषाहार रेसिपी, वजन निगरानी, अनुपूरक आहार आदि के सेवन से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
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