{"_id":"625869b54b07bc381b7cc537","slug":"hathras-sp-assured-the-doctors-of-safety-hathras-news-ali289300989","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : एसपी ने चिकित्सकों को दिलाया सुरक्षा का भरोसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : एसपी ने चिकित्सकों को दिलाया सुरक्षा का भरोसा
विज्ञापन
हाथरस : आईएमए के पदाधिकारियों के साथ बातचीत करते एसपी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल से मुलाकात की। यहां चिकित्सकों ने अपनी समस्याएं रखीं। एसपी ने अधीनस्थ अधिकारियों को उनकी समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।
एसपी ने पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में आईएमए के पदाधिकारियों से संवाद किया। चिकित्सकों की समस्याओं को विस्तार से सुना गया। डॉक्टरों ने बताया कि हॉस्पिटल में इलाज के दौरान किसी मरीज की स्थिति गंभीर होने या मृत्यु हो जाने पर उनके परिजन उग्र हो जाते हैं और कभी-कभी अस्पतालों में अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की स्थिति गंभीर होने या मृत्यु हो जाने पर पीड़ित पक्ष द्वारा तहरीर दिए जाने पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ बिना किसी जांच, विशेषज्ञ की सलाह के मुकदमा दर्ज नहीं होना चाहिए।
एसपी ने हॉस्पिटल या क्लीनिक में होने वाली किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। झगडे़ की वजह कभी-कभी हॉस्पिटल के स्टाफ का मरीज और उसके परिजनों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार भी होता है। पीड़ित को परेशानी के समय उचित व्यवहार न मिलने के कारण कई बार परिजन उग्र हो जाते हैं। इसके लिये वरिष्ठ चिकित्सकों से कहा गया कि वह अपने स्टाफ को मरीजों और उनके परिजनों के प्रति अच्छा व्यवहार करने के लिए निर्देशित करें। इस मौके पर डॉ. एसके राजू गावर, डॉ. विकास, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. मनोज कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनीत जायसवाल से मुलाकात की। यहां चिकित्सकों ने अपनी समस्याएं रखीं। एसपी ने अधीनस्थ अधिकारियों को उनकी समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।
एसपी ने पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में आईएमए के पदाधिकारियों से संवाद किया। चिकित्सकों की समस्याओं को विस्तार से सुना गया। डॉक्टरों ने बताया कि हॉस्पिटल में इलाज के दौरान किसी मरीज की स्थिति गंभीर होने या मृत्यु हो जाने पर उनके परिजन उग्र हो जाते हैं और कभी-कभी अस्पतालों में अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की स्थिति गंभीर होने या मृत्यु हो जाने पर पीड़ित पक्ष द्वारा तहरीर दिए जाने पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ बिना किसी जांच, विशेषज्ञ की सलाह के मुकदमा दर्ज नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
एसपी ने हॉस्पिटल या क्लीनिक में होने वाली किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। झगडे़ की वजह कभी-कभी हॉस्पिटल के स्टाफ का मरीज और उसके परिजनों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार भी होता है। पीड़ित को परेशानी के समय उचित व्यवहार न मिलने के कारण कई बार परिजन उग्र हो जाते हैं। इसके लिये वरिष्ठ चिकित्सकों से कहा गया कि वह अपने स्टाफ को मरीजों और उनके परिजनों के प्रति अच्छा व्यवहार करने के लिए निर्देशित करें। इस मौके पर डॉ. एसके राजू गावर, डॉ. विकास, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. मनोज कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन