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हाथरस: कुछ अन्य कर्मियों पर भी गिर सकती है गाज
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सात चालक-परिचालकों की संविदा समाप्त होने के बाद अभी यहां कुछ अन्य कर्मियों में खलबली मची हुई है। माना जा रहा है कि कुछ और कर्मियों के खिलाफ और कार्रवाई हो सकती है। इसे लेकर पूरे दिन यहां चर्चाएं रहीं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में रोडवेज फर्जी टिकट घोटाला सामने आया था। तब एसटीएफ ने पूरे मामले का खुलासा किया था। यह गिरोह 10 साल से संचालित था। इसकी शिकायत रोडवेज के ही एक पूर्व कर्मचारी पंकज लवानिया द्वारा की गई थी। तब पूरी तरह से हुई जांच में पांच दर्जन से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई हुई थी। इसमें 27 संविदा चालक और परिचालक भी शामिल थे। इस गिरोह के मुखिया मेघ सिंह और देवेंद्र सिंह को जेल भेज दिया गया था। उनकी सेवा समाप्त कर दी गई थी।
इस गिरोह का नेटवर्क काफी दूर तक था। बाद में कासगंज के एआरएम ने इस पूरे मामले की जांच की थी। कुछ आरोपियों ने इस मामले में हाईकोर्ट से स्टे भी ले लिया था। तदुपरांत जांच पूरी होने पर इन्हें दोषी माना गया था। ऐसे में सात चालक-परिचालकों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इस पूरे मामले में अब यह चर्चा जोरों पर घोटाले में लिप्त रहे कुछ और लोगों पर भी गाज गिर सकती है। इस पूरे मामले में यह भी देखने वाली बात होगी कि क्या कोई अफसर भी जांच में दोषी पाया जाएगा अथवा नहीं।
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सात चालक-परिचालकों की संविदा समाप्त होने के बाद अभी यहां कुछ अन्य कर्मियों में खलबली मची हुई है। माना जा रहा है कि कुछ और कर्मियों के खिलाफ और कार्रवाई हो सकती है। इसे लेकर पूरे दिन यहां चर्चाएं रहीं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में रोडवेज फर्जी टिकट घोटाला सामने आया था। तब एसटीएफ ने पूरे मामले का खुलासा किया था। यह गिरोह 10 साल से संचालित था। इसकी शिकायत रोडवेज के ही एक पूर्व कर्मचारी पंकज लवानिया द्वारा की गई थी। तब पूरी तरह से हुई जांच में पांच दर्जन से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई हुई थी। इसमें 27 संविदा चालक और परिचालक भी शामिल थे। इस गिरोह के मुखिया मेघ सिंह और देवेंद्र सिंह को जेल भेज दिया गया था। उनकी सेवा समाप्त कर दी गई थी।
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इस गिरोह का नेटवर्क काफी दूर तक था। बाद में कासगंज के एआरएम ने इस पूरे मामले की जांच की थी। कुछ आरोपियों ने इस मामले में हाईकोर्ट से स्टे भी ले लिया था। तदुपरांत जांच पूरी होने पर इन्हें दोषी माना गया था। ऐसे में सात चालक-परिचालकों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इस पूरे मामले में अब यह चर्चा जोरों पर घोटाले में लिप्त रहे कुछ और लोगों पर भी गाज गिर सकती है। इस पूरे मामले में यह भी देखने वाली बात होगी कि क्या कोई अफसर भी जांच में दोषी पाया जाएगा अथवा नहीं।
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