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हाथरस : तो वोट डालने गंदे पानी में होकर जाएंगे ग्रामीण
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हाथरस : गांव रामनगरिया में गंदे पानी से होकर गुजरता ग्रामीण। संवाद
- फोटो : HASAYAN
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
क्षेत्र के गांव रामनगरिया में प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र के निकट गांव की पोखर का दूषित पानी एकत्रित हो रहा है। ग्रामीणों ने जलभराव की इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई बार ब्लॉक से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक से शिकायत की है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ, जबकि ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों में इसे लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने समस्या के जल्द से जल्द निदान की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पोखर में पूरे गांव का गंदा पानी एकत्रित होता है मगर आबादी के पानी को पोखर तक पहुंचाने के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस कारण पोखर का दूषित पानी रास्ते पर जमा हो जाता है और ग्रामीणों को न चाहते हुए भी गंदे पानी में होकर आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्होंने ग्राम पंचायत के तत्कालीन प्रधान से लेकर वर्तमान प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकाला गया।
ग्रामीणों ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय के पास गंदे पानी का साम्राज्य होने के कारण बच्चों व शिक्षकों को सर्दी के मौसम में भी मच्छरों का हमला झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि विधानसभा चुनाव के के लिए 20 फरवरी को जब लोग मतदान करने आएंगे तो उनको पोखर के दूषित पानी से होकर निकलना पड़ेगा। मच्छरों की वजह से लोगों के बीमार होने का भी खतरा रहेगा। ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान में देश महामारी के दौर से गुजर रहा है मगर ब्लॉक से लेकर जिला स्तर के किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। अगर ऐसे में गांव में संक्रमण फैलता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। संवाद
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क्षेत्र के गांव रामनगरिया में प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र के निकट गांव की पोखर का दूषित पानी एकत्रित हो रहा है। ग्रामीणों ने जलभराव की इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कई बार ब्लॉक से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक से शिकायत की है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ, जबकि ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों में इसे लेकर नाराजगी है। ग्रामीणों ने समस्या के जल्द से जल्द निदान की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पोखर में पूरे गांव का गंदा पानी एकत्रित होता है मगर आबादी के पानी को पोखर तक पहुंचाने के पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस कारण पोखर का दूषित पानी रास्ते पर जमा हो जाता है और ग्रामीणों को न चाहते हुए भी गंदे पानी में होकर आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही उन्होंने ग्राम पंचायत के तत्कालीन प्रधान से लेकर वर्तमान प्रधान व अन्य जनप्रतिनिधियों से भी इसकी शिकायत की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकाला गया।
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ग्रामीणों ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय के पास गंदे पानी का साम्राज्य होने के कारण बच्चों व शिक्षकों को सर्दी के मौसम में भी मच्छरों का हमला झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि विधानसभा चुनाव के के लिए 20 फरवरी को जब लोग मतदान करने आएंगे तो उनको पोखर के दूषित पानी से होकर निकलना पड़ेगा। मच्छरों की वजह से लोगों के बीमार होने का भी खतरा रहेगा। ग्रामीणों ने कहा कि वर्तमान में देश महामारी के दौर से गुजर रहा है मगर ब्लॉक से लेकर जिला स्तर के किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। अगर ऐसे में गांव में संक्रमण फैलता है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। संवाद
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