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हाथरस : दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष और एक बार सांसद चुनी जा चुकी हैं सीमा उपाध्याय
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सीमा उपाध्याय और शशि चौधरी में आमने-सामने मुकाबला होगा। यदि इन दोनों उम्मीदवारों की बात करें तो सीमा उपाध्याय को पुराना राजनीतिक अनुभव है, जबकि शशि चौधरी ने पहली बार कोई चुनाव जीता है। दोनों के पति पहले राजनीति में आए और उनकी पत्नियों की बाद में राजनीति में एंट्री हुई।
सीमा उपाध्याय प्रदेश के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी हैं। रामवीर उपाध्याय वर्ष 1996 से लगातार पांच बार विधायक चुने गए हैं और वह चार बार प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे हैं। फिलहाल भी वह सादाबाद सीट से विधायक हैं और बसपा से निलंबित चल रहे हैं। उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय वर्ष 2000 में हाथरस जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं। उसके बाद वह 2005 में फिर जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुईं।
दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद वर्ष 2009 में वह बसपा से फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ीं और वहां से सांसद भी चुनी गईं। इसके बाद सीमा उपाध्याय ने 2014 से फतेहपुरी सीकरी से चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार वह चुनाव हार गईं। उसके बाद इस बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हाथरस के एक वार्ड से लड़ा। वह जीत गईं और उसके बाद भाजपा में शामिल हो गईं। भाजपा ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में उम्मीदवार घोषित किया।
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सदस्य के चुनाव में सीमा ने हराया था देवरानी ऋतु को
हाथरस। इस चुनाव में सबसे रोचक तथ्य यह है कि जिला पंचायत के वार्ड नंबर 14 से सीमा उपाध्याय के सामने उनकी देवरानी ऋतु उपाध्याय जोकि पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय की पत्नी हैं, खड़ी र्हुइं। देवरानी और जेठानी में मुकाबला हुआ। ऋतु को भाजपा ने अपना समर्थित उम्मीदवार बनाया था। ऋतु चुनाव हार गईं और सीमा चुनाव जीत र्गइं। इसके बाद सीमा भाजपा में शामिल हो गईं और भाजपा ने उन्हें अध्यक्ष पद के लिए उम्मीवादर भी घोषित कर दिया।
शशि ने पहली बार जीता है कोई चुनाव, पति गुड्डू पहले से हैं राजनीति में
बात यदि सीमा की प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार शशि चौधरी की करें तो शशि ने पहली बार कोई चुनाव जीता है, वह भी जिला पंचायत सदस्य के रूप में। उनके पति गुड्डू चौधरी पिछले करीब एक दशक से रालोद से जुड़े हैं। गुड्डू चौधरी वर्ष 2015 में भी जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे। इस बार भी वह जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं और साथ ही उनकी पत्नी शशि चौधरी भी जिला पंचायत सदस्य चुनी गई हैं। शुरू में यह चर्चा थी कि गुड्डू चौधरी खुद सीमा उपाध्याय के सामने चुनाव लड़ेंगे, लेकिन बाद में यह तय हुआ कि सीमा के मुकाबले गुड्डू की पत्नी शशि चुनाव लड़ेंगी। वह सपा और रालोद की समर्थित उम्मीदवार हैं।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सीमा उपाध्याय और शशि चौधरी में आमने-सामने मुकाबला होगा। यदि इन दोनों उम्मीदवारों की बात करें तो सीमा उपाध्याय को पुराना राजनीतिक अनुभव है, जबकि शशि चौधरी ने पहली बार कोई चुनाव जीता है। दोनों के पति पहले राजनीति में आए और उनकी पत्नियों की बाद में राजनीति में एंट्री हुई।
सीमा उपाध्याय प्रदेश के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की पत्नी हैं। रामवीर उपाध्याय वर्ष 1996 से लगातार पांच बार विधायक चुने गए हैं और वह चार बार प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे हैं। फिलहाल भी वह सादाबाद सीट से विधायक हैं और बसपा से निलंबित चल रहे हैं। उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय वर्ष 2000 में हाथरस जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं। उसके बाद वह 2005 में फिर जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुईं।
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दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद वर्ष 2009 में वह बसपा से फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ीं और वहां से सांसद भी चुनी गईं। इसके बाद सीमा उपाध्याय ने 2014 से फतेहपुरी सीकरी से चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार वह चुनाव हार गईं। उसके बाद इस बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हाथरस के एक वार्ड से लड़ा। वह जीत गईं और उसके बाद भाजपा में शामिल हो गईं। भाजपा ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में उम्मीदवार घोषित किया।
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सदस्य के चुनाव में सीमा ने हराया था देवरानी ऋतु को
हाथरस। इस चुनाव में सबसे रोचक तथ्य यह है कि जिला पंचायत के वार्ड नंबर 14 से सीमा उपाध्याय के सामने उनकी देवरानी ऋतु उपाध्याय जोकि पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय की पत्नी हैं, खड़ी र्हुइं। देवरानी और जेठानी में मुकाबला हुआ। ऋतु को भाजपा ने अपना समर्थित उम्मीदवार बनाया था। ऋतु चुनाव हार गईं और सीमा चुनाव जीत र्गइं। इसके बाद सीमा भाजपा में शामिल हो गईं और भाजपा ने उन्हें अध्यक्ष पद के लिए उम्मीवादर भी घोषित कर दिया।
शशि ने पहली बार जीता है कोई चुनाव, पति गुड्डू पहले से हैं राजनीति में
बात यदि सीमा की प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार शशि चौधरी की करें तो शशि ने पहली बार कोई चुनाव जीता है, वह भी जिला पंचायत सदस्य के रूप में। उनके पति गुड्डू चौधरी पिछले करीब एक दशक से रालोद से जुड़े हैं। गुड्डू चौधरी वर्ष 2015 में भी जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे। इस बार भी वह जिला पंचायत सदस्य चुने गए हैं और साथ ही उनकी पत्नी शशि चौधरी भी जिला पंचायत सदस्य चुनी गई हैं। शुरू में यह चर्चा थी कि गुड्डू चौधरी खुद सीमा उपाध्याय के सामने चुनाव लड़ेंगे, लेकिन बाद में यह तय हुआ कि सीमा के मुकाबले गुड्डू की पत्नी शशि चुनाव लड़ेंगी। वह सपा और रालोद की समर्थित उम्मीदवार हैं।