Hathras: एसडीएम-ईओ के आश्वासन पर माने सफाई-जलकल कर्मचारी, हड़ताल खत्म, दोपहर में काम पर लौटे कर्मी
हड़ताल के कारण 26 नवंबर की सुबह भी जगह-जगह गंदगी व कूड़े के ढेर देखने को मिले। सफाई कर्मी अपने-अपने इलाकों में पहुंचे थे, लेकिन सभी बिना कार्य के बैठे रहे। किसी ने झाड़ू नहीं लगाई। ट्रैक्टर व टेंपो भी पालिका परिसर में खड़े रहे।
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हाथरस नगर पालिका परिषद में कनिष्ठ लिपिक पद पर हुई नियुक्ति के विरोध में हड़ताल पर चल रहे सफाई व जलकल कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। एसडीएम व ईओ के आश्वासन पर कर्मियों ने इस शर्त पर हड़ताल खत्म की कि नियुक्ति को रद्द कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। यदि नियुक्ति नियमानुसार है तो उनके 650 कर्मचारियों को भी नियमित किया जाए।
नगर पालिका परिषद में 22 नवंबर को रवि सौखिया को कनिष्ठ लिपिक पद पर स्थायी कर्मचारी बना लिया गया था और जलकल विभाग में स्टोर कीपर के पद पर उनकी तैनाती भी कर दी गई थी। इसकी जानकारी पर सफाई कर्मचारी यूनियन व जलकल यूनियन के बैनर तले करीब 850 कर्मचारी सोमवार की शाम से हड़ताल पर चले गए थे। बुधवार सुबह तक हड़ताल जारी रही।
सड़कों से कूड़ा नहीं उठा और न ही शहर में जलापूर्ति की गई। बुधवार की सुबह फिर नगर पालिका परिसर में कर्मचारी जमा हुए। ईओ रोहित सिंह ने कर्मचारियों को समझाया। इसके बाद एसडीएम सदर राजबहादुर सिंह ने भी यूनियन के पदाधिकारियों को समझाया। कार्रवाई के आश्वासन पर कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी।
सुबह 10 बजे कर्मचारियों को शहर में सफाई के लिए भेज दिया गया। इधर, यूनियन के पदाधिकारी जिलाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम के न होने के कारण एडीएम बसंत अग्रवाल ने उनकी समस्या सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष उमेश चंचल, स्थानीय निकाय सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप डब्बू, जलकल यूनियन के जिलाध्यक्ष गौरव चौधरी, नीरज, विशाल, सौरभ कुमार आदि मौजूद रहे।
कर्मचारियों ने रात को ही हड़ताल खत्म कर दी थी। बुधवार की सुबह कर्मचारियों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद वे सफाई कार्य पर निकल गए। कुछ पदाधिकारी कलेक्ट्रेट भी पहुंचे थे। समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है।-रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका
650 कर्मचारियों को नियमित करने की मांग
सफाई कर्मचारी मजदूर संघ ने डीएम के नाम सौंपे ज्ञापन में 650 कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारी वर्षों से पालिका में काम कर रहे हैं, लेकिन उनके बारे में नहीं सोचा जा रहा। जिलाध्यक्ष उमेश चंचल ने कहा कि रवि सौखिया पूर्व में आउट सोर्स पर कंप्यूटर ऑपरेटर थे और बाद में कई साल आउट सोर्स पर सफाई कर्मी रहे। उमेश ने बताया कि पिछले तीन साल से वह पालिका में कर्मचारी ही नहीं हैं। ऐसे में यह नियुक्ति अनियमित रूप से की गई है। कर्मचारियों ने डीएम से प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर नियुक्ति रद्द करने की मांग की। यदि नियुक्ति ठीक है तो पहले उनके कर्मचारी नियमित किए जाएं। मांगें पूरी न होने पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर
हड़ताल के कारण बु26 नवंबर की सुबह भी जगह-जगह गंदगी व कूड़े के ढेर देखने को मिले। सफाई कर्मी अपने-अपने इलाकों में पहुंचे थे, लेकिन सभी बिना कार्य के बैठे रहे। किसी ने झाड़ू नहीं लगाई। ट्रैक्टर व टेंपो भी पालिका परिसर में खड़े रहे। सुबह 10 बजे के बाद कर्मचारी सफाई पर निकले। दोपहर तक मुख्य सड़क, चौराहों व गलियों में कूड़े के ढेर लगे रहे।