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हाथरस : रोडवेज कर्मी सहालग में व्यस्त, थमे बसों के पहिये
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
त्योहारी सीजन में अच्छी इनकम करने के बाद अब हाथरस डिपो की बसें आराम कर रही हैं। क्योंकि काफी-चालक परिचालक शादी विवाह में व्यस्त हैं। वहीं कुछ बसें खराबी की वजह से वर्क शॉप में खड़ी हैं।
हाथरस डिपो के बेड़े में वर्तमान में 83 बसें हैं। ये बसें लोकल व लंबे रूट पर संचालित होती हैं। त्योहारी सीजन में डिपो ने रीजन में पहला स्थान हासिल किया। लेकिन डिपो के अधिकारियों को ज्यादा इनकम रास नहीं आई। वर्तमान में वर्कशॉप में एक दर्जन से अधिक बसों के पहिए थमे हुए हैं। प्रति बस की इनकम दस से बारह हजार रुपये आती है।
डिपो में एक दर्जन बसें खड़ी होने से हर रोज हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। हाथरस डिपो एआरएम शशी रानी का कहना है कि चालक-परिचालकों के शादियों में व्यस्त होने व बैटरी व सेल्ब की कमी के कारण एक दर्जन बसें वर्कशॉप में खड़ी हुई हैं। इससे इनकम प्रभावित हो रही है।
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त्योहारी सीजन में अच्छी इनकम करने के बाद अब हाथरस डिपो की बसें आराम कर रही हैं। क्योंकि काफी-चालक परिचालक शादी विवाह में व्यस्त हैं। वहीं कुछ बसें खराबी की वजह से वर्क शॉप में खड़ी हैं।
हाथरस डिपो के बेड़े में वर्तमान में 83 बसें हैं। ये बसें लोकल व लंबे रूट पर संचालित होती हैं। त्योहारी सीजन में डिपो ने रीजन में पहला स्थान हासिल किया। लेकिन डिपो के अधिकारियों को ज्यादा इनकम रास नहीं आई। वर्तमान में वर्कशॉप में एक दर्जन से अधिक बसों के पहिए थमे हुए हैं। प्रति बस की इनकम दस से बारह हजार रुपये आती है।
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डिपो में एक दर्जन बसें खड़ी होने से हर रोज हजारों रुपये का नुकसान हो रहा है। हाथरस डिपो एआरएम शशी रानी का कहना है कि चालक-परिचालकों के शादियों में व्यस्त होने व बैटरी व सेल्ब की कमी के कारण एक दर्जन बसें वर्कशॉप में खड़ी हुई हैं। इससे इनकम प्रभावित हो रही है।
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