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हाथरस: नम आंखों से बोले देर से ही सही सरकार को हमारी सुध तो आई......
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हाथरस: राजस्थान से लौटे प्रवासी स्पोर्ट्स स्टेडियम से जाते हुए।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरसान (हाथरस)
शासन स्तर से अन्य प्रांतों में फंसे यूपी के लोगों को वापस लाया जा रहा है। राजस्थान से प्रवासी मजदूरों की बसों से यूपी में वापसी की जा रही है। इसके लिए जिले को नोडल बनाया गया है। यहां शनिवार की सुबह एक रोडवेज बस से 23 कामगार मजदूर जयपुर से यहां जिले के स्पोट्स स्टेडियम में पहुंचे। इन कामगारों के चेहरों पर अपनों से मिलने की ललक व चेहरे पर अजीब सी थकान दिखाई दे रही थी। अपने और अपने परिवारों को संभालने में जुटे हुए थे। यहां प्रशासन ने सभी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई और फिर यूपी रोडवेज की बसों से इन लोगों को इनके जिले के लिए रवाना किया।
जयपुर में सरकारी ठेकेदार के नीचे सड़क किनारे बनने वाली नालियों की मरम्मत का काम करता था। लॉकडाउन के बाद ठेकेदार द्वारा काम नहीं दिया गया। इस कारण कई दिनों तक तो अपने पैसों से खाने-पीने का सामान लिया। कुछ दिनों बाद वहां मकान मालिक और अन्य लोग परेशान करने लगे।
-गौतम, शाहजहांपुर
कपड़ों की कढ़ाई बुनाई का काम करता था। लॉकडाउन शुरू के बाद काम पूरी तरह बंद हो गया। अब वहां खाने-पीने की समस्या बढ़ने लगी। अब अपने ही गांव में जाकर फिर से काम शुरू किया जाएगा।
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-उस्मान, रामपुर
दिल्ली में मजदूरी करके अपने व अपने परिवार की गुजर चल रही थी। लॉकडाउन शुरू होते ही मजदूरी पूरी तरह से बंद हो गई। अब वहां भी कोई काम मिल नही रहा था, तो गांव को लौटना ही ठीक है।
-महीपाल, शाहजहांपुर
जयपुर में मजदूरी करने के लिए गया था। अपने परिवार को भी साथ लेकर गया था। अब लॉकडाउन के कारण सभी कामकाज ठप हो गए हैं। अब परिवार के साथ ही वापस अपने शहर लौट रहे हैँ।
-सलीम, बरेली
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शासन स्तर से अन्य प्रांतों में फंसे यूपी के लोगों को वापस लाया जा रहा है। राजस्थान से प्रवासी मजदूरों की बसों से यूपी में वापसी की जा रही है। इसके लिए जिले को नोडल बनाया गया है। यहां शनिवार की सुबह एक रोडवेज बस से 23 कामगार मजदूर जयपुर से यहां जिले के स्पोट्स स्टेडियम में पहुंचे। इन कामगारों के चेहरों पर अपनों से मिलने की ललक व चेहरे पर अजीब सी थकान दिखाई दे रही थी। अपने और अपने परिवारों को संभालने में जुटे हुए थे। यहां प्रशासन ने सभी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई और फिर यूपी रोडवेज की बसों से इन लोगों को इनके जिले के लिए रवाना किया।
जयपुर में सरकारी ठेकेदार के नीचे सड़क किनारे बनने वाली नालियों की मरम्मत का काम करता था। लॉकडाउन के बाद ठेकेदार द्वारा काम नहीं दिया गया। इस कारण कई दिनों तक तो अपने पैसों से खाने-पीने का सामान लिया। कुछ दिनों बाद वहां मकान मालिक और अन्य लोग परेशान करने लगे।
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-गौतम, शाहजहांपुर
कपड़ों की कढ़ाई बुनाई का काम करता था। लॉकडाउन शुरू के बाद काम पूरी तरह बंद हो गया। अब वहां खाने-पीने की समस्या बढ़ने लगी। अब अपने ही गांव में जाकर फिर से काम शुरू किया जाएगा।
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-उस्मान, रामपुर
दिल्ली में मजदूरी करके अपने व अपने परिवार की गुजर चल रही थी। लॉकडाउन शुरू होते ही मजदूरी पूरी तरह से बंद हो गई। अब वहां भी कोई काम मिल नही रहा था, तो गांव को लौटना ही ठीक है।
-महीपाल, शाहजहांपुर
जयपुर में मजदूरी करने के लिए गया था। अपने परिवार को भी साथ लेकर गया था। अब लॉकडाउन के कारण सभी कामकाज ठप हो गए हैं। अब परिवार के साथ ही वापस अपने शहर लौट रहे हैँ।
-सलीम, बरेली