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हाथरस : जमीन के लिए हुआ रिश्तों का कत्ल
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
क्षेत्र के गांव नगला चिमन में केवल तीन बीघा जमीन के लिए तीसरी पीढ़ी भी कातिल हो गई। जिस युवा को अपने भविष्य के लिए नौकरी की तलाश करनी थी, वह अपने दादा के साथ पिता का कातिल हो गया।
हरवीर सिंह के पास आठ बीघा जमीन थी। इसमें से उसने धीरे-धीरे पांच बीघा जमीन बेच दी। अब वह उसमें से एक बीघा जमीन बेचने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए उसके बड़े पुत्र ने मना किया था, जबकि छोटे पुत्र का आरोप है कि उसका बड़ा भाई पूरी जमीन को हड़पना चाहता था।
क्षेत्र में लगभग चार साल पहले भी गांव महरारा में एक पुत्र ने जमीन के साथ दूसरा विवाह करने को लेकर अपने पिता की हत्या कर दी थी। इसी प्रकार क्षेत्र के गांव कुकरगवां का हत्याकांड लोगों के जहन में ताजा है। यहां भी जमीन को लेकर एक व्यक्ति ने अपने अविवाहित चाचा एवं दो चचेरे भाइयों की हत्या कर दी थी।
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उनकी हत्या करने के बाद उसने एवं उसके भाई ने फरारी जीवन काटा था। फरारी जीवन में उसने अपने कई दुश्मन पैदा कर लिए थे। इन दुश्मनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद परिवार के जिन लोगों ने तिहरे हत्याकांड में उनका साथ दिया था, उनको जमीन नहीं देने पर उन्होंने उसके छोटे भाई एवं उसके पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी। मजबूरन पूरे परिवार को गांव छोड़ना पड़ा और आज भी वह जमीन खाली एवं बंजर पड़ी हुई है। संवाद
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क्षेत्र के गांव नगला चिमन में केवल तीन बीघा जमीन के लिए तीसरी पीढ़ी भी कातिल हो गई। जिस युवा को अपने भविष्य के लिए नौकरी की तलाश करनी थी, वह अपने दादा के साथ पिता का कातिल हो गया।
हरवीर सिंह के पास आठ बीघा जमीन थी। इसमें से उसने धीरे-धीरे पांच बीघा जमीन बेच दी। अब वह उसमें से एक बीघा जमीन बेचने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए उसके बड़े पुत्र ने मना किया था, जबकि छोटे पुत्र का आरोप है कि उसका बड़ा भाई पूरी जमीन को हड़पना चाहता था।
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क्षेत्र में लगभग चार साल पहले भी गांव महरारा में एक पुत्र ने जमीन के साथ दूसरा विवाह करने को लेकर अपने पिता की हत्या कर दी थी। इसी प्रकार क्षेत्र के गांव कुकरगवां का हत्याकांड लोगों के जहन में ताजा है। यहां भी जमीन को लेकर एक व्यक्ति ने अपने अविवाहित चाचा एवं दो चचेरे भाइयों की हत्या कर दी थी।
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उनकी हत्या करने के बाद उसने एवं उसके भाई ने फरारी जीवन काटा था। फरारी जीवन में उसने अपने कई दुश्मन पैदा कर लिए थे। इन दुश्मनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद परिवार के जिन लोगों ने तिहरे हत्याकांड में उनका साथ दिया था, उनको जमीन नहीं देने पर उन्होंने उसके छोटे भाई एवं उसके पुत्र की गोली मारकर हत्या कर दी। मजबूरन पूरे परिवार को गांव छोड़ना पड़ा और आज भी वह जमीन खाली एवं बंजर पड़ी हुई है। संवाद