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हाथरस : जिले के साढ़े चार हजार व्यापारियों को जारी होगी आरसी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले के साढ़े चार हजार व्यापारियों ने यदि दो सितंबर तक बकाया जमा नहीं किया तो उनके घर पर तहसील से आरसी पहुंचेगी। फरवरी में शुरू हुई ब्याज माफी योजना में जिले के हजारों व्यापारियों ने बकाया जमा करने की सुध नहीं ली है। इन बकायेदारों पर करीब 40 करोड़ रुपये का बकाया है। अब वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी बकायेदारों से सख्ती से निपटने के मूड में नजर आ रहे हैं। साथ ही व्यापारियों से अफसर बार बार बकाया जमा करने की गुजारिश भी कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वाणिज्य कर विभाग का हाथरस सहित प्रदेश के कई जिलों में व्यापारियों पर करोड़ों रुपये का बकाया है। सरकार ने व्यापारियों को राहत देने व बकाया वसूल करने के लिए फरवरी माह में व्याज माफी योजना की शुरुआत की। योजना में मूलधन पर पूर्ण ब्याज माफी का प्रावधान हैं। इसके लिए वाणिज्यकर विभाग द्वारा सोशल मीडिया व अन्य संसाधनों से व्यापारियों ने बकाया जमा करने की अपील की जा रही है। इसके बाद भी जिले के साढ़े चार हजार व्यापारी बकाया जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
अब ब्याज माफी योजना में चंद दिन रह गए हैं। इन व्यापारियों पर करीब 40 करोड़ रुपये का बकाया है। यदि इन व्यापारियों ने दो सितंबर तक बकाया जमा नहीं किया तो इनको अमीन के माध्यम से आरसी भेजी जाएगी। इससे व्यापारियों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त बोझ और बढ़ जाएगा। इस मामले में वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशासन सिद्धेश चंद्र दीक्षित का कहना है कि जिले के साढ़े चार हजार व्यापारियों पर करीब 40 करोड़ रुपये का बकाया है। दो सितंबर तक बकाया जमा कर ब्याज माफी का लाभ लें, अन्यथा दो सितंबर के बाद बकायेदारों की आरसी निकाली जाएगी। संवाद
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जिले के साढ़े चार हजार व्यापारियों ने यदि दो सितंबर तक बकाया जमा नहीं किया तो उनके घर पर तहसील से आरसी पहुंचेगी। फरवरी में शुरू हुई ब्याज माफी योजना में जिले के हजारों व्यापारियों ने बकाया जमा करने की सुध नहीं ली है। इन बकायेदारों पर करीब 40 करोड़ रुपये का बकाया है। अब वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी बकायेदारों से सख्ती से निपटने के मूड में नजर आ रहे हैं। साथ ही व्यापारियों से अफसर बार बार बकाया जमा करने की गुजारिश भी कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वाणिज्य कर विभाग का हाथरस सहित प्रदेश के कई जिलों में व्यापारियों पर करोड़ों रुपये का बकाया है। सरकार ने व्यापारियों को राहत देने व बकाया वसूल करने के लिए फरवरी माह में व्याज माफी योजना की शुरुआत की। योजना में मूलधन पर पूर्ण ब्याज माफी का प्रावधान हैं। इसके लिए वाणिज्यकर विभाग द्वारा सोशल मीडिया व अन्य संसाधनों से व्यापारियों ने बकाया जमा करने की अपील की जा रही है। इसके बाद भी जिले के साढ़े चार हजार व्यापारी बकाया जमा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
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अब ब्याज माफी योजना में चंद दिन रह गए हैं। इन व्यापारियों पर करीब 40 करोड़ रुपये का बकाया है। यदि इन व्यापारियों ने दो सितंबर तक बकाया जमा नहीं किया तो इनको अमीन के माध्यम से आरसी भेजी जाएगी। इससे व्यापारियों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त बोझ और बढ़ जाएगा। इस मामले में वाणिज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशासन सिद्धेश चंद्र दीक्षित का कहना है कि जिले के साढ़े चार हजार व्यापारियों पर करीब 40 करोड़ रुपये का बकाया है। दो सितंबर तक बकाया जमा कर ब्याज माफी का लाभ लें, अन्यथा दो सितंबर के बाद बकायेदारों की आरसी निकाली जाएगी। संवाद
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