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हाथरस : रामवीर के दम पर परिजन भी सियासत में जमकर फले-फूले

Sat, 03 Sep 2022 11:21 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Sep 2022 11:21 PM IST
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Hathras: Ramveer's relatives also flourished in politics
हाथरस : पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का पार्थिव शरीर लेबर कॉलोनी में आने पर बिलखते उनके पिता रामच - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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पूर्व मंत्री व प्रदेश के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय के सहारे उनका परिवार भी राजनीति में जमकर फला फूला। हाथरस की राजनीति के साथ-साथ जिला पंचायत की राजनीति में उन्हीं का दबदबा रहा। उनकी पत्नी और भाई जिला पंचायत अध्यक्ष और सांसद, भाई विधानसभा और विधान परिषद में पहुंचे तो उनके एक भाई कई बार ब्लॉक प्रमुख बने। उनके भाइयों की पत्नियां भी कई बार जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुईं।
पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के साथ-साथ उनके परिवार के लोगों को भी राजनीति जमकर रास आई। रामवीर के दम पर उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय वर्ष 2000 और फिर वर्ष 2005 में जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। इसके बाद वह आगरा की फतेहपुर सीकरी से बसपा से सांसद चुनी गई। तब सीमा उपाध्याय ने सिने स्टार राजबब्बर को चुनाव में हराया था।
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पिछले साल हुए जिला पंचायत चुनाव में उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय फिर जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गईं और वह वर्तमान में भी जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। इसके अलावा उनके भाई विनोद उपाध्याय भी जिला पंचायत के पिछले कार्यकाल में जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
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रामवीर के एक अन्य भाई मुकुल उपाध्याय वर्ष 2002 में उपचुनाव में इगलास विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। बसपा के शासनकाल में वह राज्य सेतु निगम के उपाध्यक्ष भी रहे। इसके बाद वह अलीगढ़ में स्थानीय निकाय सीट से विधान परिषद सदस्य चुने गए। इसी तरह रामवीर उपाध्याय के भाई रामेश्वर उपाध्याय कई बार मुरसान के ब्लॉक प्रमुख रहे और इस समय भी वह मुरसान से ब्लॉक प्रमुख हैं। रामवीर के छोटे भाई विनोद उपाध्याय की पत्नी सरोज उपाध्याय जिला पंचायत सदस्य और रामेश्वर उपाध्याय की पत्नी कल्पना उपाध्याय भी जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। संवाद

भरा-पूरा परिवार बिलखते छोड़ गए रामवीर
हाथरस। पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ा है। अपने आठ भाई बहनों में रामवीर सबसे बड़े हैं। उनके पिता रामचरन उपाध्याय सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी हैं। रामवीर उपाध्याय के छह भाइयों में से प्रमोद और महेश सरकारी सेवाओं में हैं, जबकि शेष तीन भाई विनोद, मुकुल और रामेश्वर उपाध्याय राजनीति में सक्रिय हैं। रामवीर के बहनोई सतेंद्र शर्मा ने भी राजनीति में अपनी किस्मत आजमाई। वह भी बसपा से सादाबाद सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। रामवीर ने अपने पीछे पत्नी सीमा उपाध्याय, पुत्र चिरागवीर उपाध्याय के अलावा दो बेटियाें को बिलखते हुए छोड़ा है। उनकी दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। संवाद
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