{"_id":"5f6a50d58ebc3edaa63f9535","slug":"hathras-protesters-demonstrated-against-the-government-s-policies-at-the-mandi-secretary-s-office-hathras-news-ali2444787129","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस: मंडी सचिव दफ्तर पर सरकार की नीतियों के खिलाफ आढ़तियों ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस: मंडी सचिव दफ्तर पर सरकार की नीतियों के खिलाफ आढ़तियों ने किया प्रदर्शन
विज्ञापन
हाथरस: मंडी समिति में हड़ताल के चलते सचिव के कार्यालय के बाहर धरना देते आढ़तिया।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस आढ़तिया एसोसिएशन के तत्वावधान में मंगलवार को मंडी सचिव के दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। कृषि अध्यादेश के खिलाफ सरकार पर वक्ताओं ने तीखे प्रहार किए। मंडी बंद होने से हर रोज मंडी प्रशासन को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। मंडी प्रशासन के राजस्व का आंकड़ा भी गिर रहा है। इसे लेकर अधिकारी परेशान हैं।
वक्ताओं ने कहा कि जो व्यापारी सरकार की रीढ़ होता था, आज सरकार उस व्यापारी को ही तहस-नहस कर बेरोजगार बनाने पर तुली है। सरकार की दोगली नीतियां मंडी परिसर के व्यापार को तबाह कर रही हैं। मंडी परिसर के बाहर कोई शुल्क नहीं और मंडी परिसर के अंदर ढाई प्रतिशत का शुल्क व्यापार को असहज बना रही है। जब यह किसान और व्यापार बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कब्जे में हो जाएगा तो ऐसी कंपनियां किसानों और व्यापारियों का जमकर शोषण करेंगी। सरकार गन्ना किसानों का भुगतान तो करा नहीं पा रही। जो किसान सीधे गन्ना मिलों को गन्ना देते हैं, उनका करोड़ों-अरबों रुपया आज भी उन मिल मालिकों पर बकाया है।
वक्ताओं ने कहा कि किसान-व्यापारी विरोधी नीतियों को सहन नहीं किया जाएगा। एक समान मंडी शुल्क नहीं होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। बुधवार को इसी संदर्भ में सदर विधायक हरिशंकर माहौर को ज्ञापन सौंपकर सरकार तक अपनी बातों पहुंचाने का काम आढ़तिया वर्ग करेगा। धरना-प्रदर्शन में महामंत्री उमाशंकर वार्ष्णेय, प्रवीण वार्ष्णेय ,मुकेश बंसल, नरेंद्र बंसल, राजेश कुमार वार्ष्णेय, बौहरे विनोद शर्मा, मनीष अग्रवाल, अमन बंसल, मदनलाल, संजय कुमार, भोलाशंकर शर्मा, अमित शर्मा, अशोक कुमार गोयल, राधारमन शर्मा, बंशीलाल, पवन ऐंहन, दीपक अग्रवाल, नरेंद्र बंसल ,प्रशांत शर्मा, अनिल गुप्ता, भानु प्रकाश, रोहित शर्मा, कुलदीप वार्ष्णेय, विष्णु अग्रवाल, पवन वार्ष्णेय, हरीश वार्ष्णेय, कुंवरपाल, रामकुमार, नवनीत वार्ष्णेय, प्रदीप, विशन वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथरस आढ़तिया एसोसिएशन के तत्वावधान में मंगलवार को मंडी सचिव के दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों का विरोध किया गया। कृषि अध्यादेश के खिलाफ सरकार पर वक्ताओं ने तीखे प्रहार किए। मंडी बंद होने से हर रोज मंडी प्रशासन को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। मंडी प्रशासन के राजस्व का आंकड़ा भी गिर रहा है। इसे लेकर अधिकारी परेशान हैं।
वक्ताओं ने कहा कि जो व्यापारी सरकार की रीढ़ होता था, आज सरकार उस व्यापारी को ही तहस-नहस कर बेरोजगार बनाने पर तुली है। सरकार की दोगली नीतियां मंडी परिसर के व्यापार को तबाह कर रही हैं। मंडी परिसर के बाहर कोई शुल्क नहीं और मंडी परिसर के अंदर ढाई प्रतिशत का शुल्क व्यापार को असहज बना रही है। जब यह किसान और व्यापार बहुराष्ट्रीय कंपनियों के कब्जे में हो जाएगा तो ऐसी कंपनियां किसानों और व्यापारियों का जमकर शोषण करेंगी। सरकार गन्ना किसानों का भुगतान तो करा नहीं पा रही। जो किसान सीधे गन्ना मिलों को गन्ना देते हैं, उनका करोड़ों-अरबों रुपया आज भी उन मिल मालिकों पर बकाया है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि किसान-व्यापारी विरोधी नीतियों को सहन नहीं किया जाएगा। एक समान मंडी शुल्क नहीं होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। बुधवार को इसी संदर्भ में सदर विधायक हरिशंकर माहौर को ज्ञापन सौंपकर सरकार तक अपनी बातों पहुंचाने का काम आढ़तिया वर्ग करेगा। धरना-प्रदर्शन में महामंत्री उमाशंकर वार्ष्णेय, प्रवीण वार्ष्णेय ,मुकेश बंसल, नरेंद्र बंसल, राजेश कुमार वार्ष्णेय, बौहरे विनोद शर्मा, मनीष अग्रवाल, अमन बंसल, मदनलाल, संजय कुमार, भोलाशंकर शर्मा, अमित शर्मा, अशोक कुमार गोयल, राधारमन शर्मा, बंशीलाल, पवन ऐंहन, दीपक अग्रवाल, नरेंद्र बंसल ,प्रशांत शर्मा, अनिल गुप्ता, भानु प्रकाश, रोहित शर्मा, कुलदीप वार्ष्णेय, विष्णु अग्रवाल, पवन वार्ष्णेय, हरीश वार्ष्णेय, कुंवरपाल, रामकुमार, नवनीत वार्ष्णेय, प्रदीप, विशन वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।
विज्ञापन