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हाथरस: फर्जी व टैंपर्ड बीएड की डिग्री वाले 71 शिक्षक-शिक्षिकाओं के वेतन भुगतान पर रोक
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 के परिणामों में फर्जी, टैंपर्ड अंकतालिका के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के वेतन पर बीएसए ने रोक लगाई है। इसे लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है, जिसमें मानव संपदा पोर्टल से भी शिक्षकों को डाटा हटाए जाने की बात कही गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 के परिणामों में फर्जी, टैंपर्ड अंकतालिका के आधार पर नियुक्त शिक्षक शिक्षिका एसआईटी की जांच में फंस गए हैं। इनके खिलाफ पूर्व में तत्कालीन बीएसए ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई की थी। इसे लेकर शिक्षक-शिक्षिकाओं को कोर्ट से राहत मिल गई थी, लेकिन अब कोर्ट ने अपना निर्णय दे दिया है। ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त करने और वेतन भुगतान पर रोक लगाए जाने के आदेश दिए गए हैं।
अब बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के ऐसे शिक्षक/शिक्षिकाओं के वेतन भुगतान की कार्रवाई तत्काल अवरुद्ध करना सुनिश्चित करें। वेतन भुगतान की दशा में कोर्ट के आदेशों की अवहेलना होगी, जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित एबीएसए का होगा।
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वेतन वसूली की भी कही जा रही बात
बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध वेतन वसूली व अन्य विधिक कार्रवाई के लिए भी आदेश जारी किया जाएगा। विद्यालय खुलने पर इनसे अध्यापन कार्य न लिया जाय और मानव संपदा पोर्टल से इनका नाम/विवरण हटाते हुए इनकी सर्विस बुक बीएसए दफ्तर को खंड शिक्षा अधिकारी प्राप्त कराया जाना सुनिश्वित करें।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 के परिणामों में फर्जी, टैंपर्ड अंकतालिका के आधार पर नियुक्ति पाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के वेतन पर बीएसए ने रोक लगाई है। इसे लेकर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है, जिसमें मानव संपदा पोर्टल से भी शिक्षकों को डाटा हटाए जाने की बात कही गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के बीएड सत्र 2004-05 के परिणामों में फर्जी, टैंपर्ड अंकतालिका के आधार पर नियुक्त शिक्षक शिक्षिका एसआईटी की जांच में फंस गए हैं। इनके खिलाफ पूर्व में तत्कालीन बीएसए ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई की थी। इसे लेकर शिक्षक-शिक्षिकाओं को कोर्ट से राहत मिल गई थी, लेकिन अब कोर्ट ने अपना निर्णय दे दिया है। ऐसे शिक्षक-शिक्षिकाओं की सेवा समाप्त करने और वेतन भुगतान पर रोक लगाए जाने के आदेश दिए गए हैं।
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अब बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के ऐसे शिक्षक/शिक्षिकाओं के वेतन भुगतान की कार्रवाई तत्काल अवरुद्ध करना सुनिश्चित करें। वेतन भुगतान की दशा में कोर्ट के आदेशों की अवहेलना होगी, जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित एबीएसए का होगा।
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वेतन वसूली की भी कही जा रही बात
बीएसए मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि दोषी पाए गए व्यक्तियों के विरुद्ध वेतन वसूली व अन्य विधिक कार्रवाई के लिए भी आदेश जारी किया जाएगा। विद्यालय खुलने पर इनसे अध्यापन कार्य न लिया जाय और मानव संपदा पोर्टल से इनका नाम/विवरण हटाते हुए इनकी सर्विस बुक बीएसए दफ्तर को खंड शिक्षा अधिकारी प्राप्त कराया जाना सुनिश्वित करें।