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हाथरस : आंधी, बारिश से शहर से देहात तक गहराया बिजली संकट, लोगों में गुस्सा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बृहस्पतिवार को आई आंधी और बारिश से जिले का बिजली सिस्टम लड़खड़ा गया। जिलेवासियों को 12 से 24 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा। शहर के कई इलाकों में पूरी रात बिजली बाधित रही। ग्रामीण क्षेत्र में कई स्थानों पर लाइन व खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण शुक्रवार की शाम तक लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा। उमसभरी गर्मी में बिना बिजली के लोगों को एक-एक पल गुजारना मुश्किल हो गया। इसे लेकर लोगों में खासा गुस्सा दिखा।
उल्लेखनीय है कि एक तरफ ऊर्जामंत्री शहर, देहात कस्बों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति देने की बात कहते हैं। हकीकत यह है कि हल्की बारिश व आंधी में शहर से देहात तक पूरा बिजली सिस्टम लड़खड़ा जाता है। यहां कई वर्ष पहले डाली गई बंच कंडक्टर लाइन जर्जर हो गई हैं या फिर लाइनों की दूरी अधिक है। इस कारण हल्की आंधी और बारिश में जिले का बिजली सिस्टम शोपीस बन जाता है। इस कारण लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। बृहस्पतिवार की शाम को आई आंधी बारिश के शहर के गिजरौली, नवीपुर, वाटर वर्क्स, कांशीराम टाउनशिप, किला फीडर, आदि सबस्टेशनों की लाइनों में फाल्ट हो गए। इस कारण लोगों को शुक्रवार की शाम तक बिना बिजली के रहना पड़ा।
वहीं ग्रामीण अंचल में सलेमपुर, महौ, नगला रति, हसायन, मुरसान, लाखनू आदि सबस्टेशनों से निकलने वाली लाइन क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा शहर देहात, कस्बा में कई जगह खंभे और लाइन क्षतिग्रस्त हो गए। इस कारण लोगों को 12 से 24 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा।
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अधिकारी नहीं उठाते फोन
हाथरस। बिजली गुल होने के पर लोग सबस्टेशनों व संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को फोन मिलाते हैं तो अधिकारियों के फोन उठते ही नहीं हैं या फिर स्विच ऑफ हो जाते हैं। लोगों को संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इसे लेकर भी लोगों में खासा गुस्सा है। संवाद
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बृहस्पतिवार को आई आंधी और बारिश से जिले का बिजली सिस्टम लड़खड़ा गया। जिलेवासियों को 12 से 24 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा। शहर के कई इलाकों में पूरी रात बिजली बाधित रही। ग्रामीण क्षेत्र में कई स्थानों पर लाइन व खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण शुक्रवार की शाम तक लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा। उमसभरी गर्मी में बिना बिजली के लोगों को एक-एक पल गुजारना मुश्किल हो गया। इसे लेकर लोगों में खासा गुस्सा दिखा।
उल्लेखनीय है कि एक तरफ ऊर्जामंत्री शहर, देहात कस्बों में पर्याप्त बिजली आपूर्ति देने की बात कहते हैं। हकीकत यह है कि हल्की बारिश व आंधी में शहर से देहात तक पूरा बिजली सिस्टम लड़खड़ा जाता है। यहां कई वर्ष पहले डाली गई बंच कंडक्टर लाइन जर्जर हो गई हैं या फिर लाइनों की दूरी अधिक है। इस कारण हल्की आंधी और बारिश में जिले का बिजली सिस्टम शोपीस बन जाता है। इस कारण लोगों को पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। बृहस्पतिवार की शाम को आई आंधी बारिश के शहर के गिजरौली, नवीपुर, वाटर वर्क्स, कांशीराम टाउनशिप, किला फीडर, आदि सबस्टेशनों की लाइनों में फाल्ट हो गए। इस कारण लोगों को शुक्रवार की शाम तक बिना बिजली के रहना पड़ा।
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वहीं ग्रामीण अंचल में सलेमपुर, महौ, नगला रति, हसायन, मुरसान, लाखनू आदि सबस्टेशनों से निकलने वाली लाइन क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा शहर देहात, कस्बा में कई जगह खंभे और लाइन क्षतिग्रस्त हो गए। इस कारण लोगों को 12 से 24 घंटे तक बिना बिजली के रहना पड़ा।
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अधिकारी नहीं उठाते फोन
हाथरस। बिजली गुल होने के पर लोग सबस्टेशनों व संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को फोन मिलाते हैं तो अधिकारियों के फोन उठते ही नहीं हैं या फिर स्विच ऑफ हो जाते हैं। लोगों को संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इसे लेकर भी लोगों में खासा गुस्सा है। संवाद