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हाथरस: 46 हजार की आबादी न शहरी और न ग्रामीण
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले की 46,000 की आबादी इस समय न ही शहरी क्षेत्र में है और न ही ग्रामीण क्षेत्र में। यहां के लोग विकास कार्यों के लिए तरस रहे हैं। इन क्षेत्रों में अन्य काम भी रुक गए हैं। नगर पालिका परिषद के सीमा क्षेत्र में जिले की 12 ग्राम पंचायतें शामिल हुई हैं, लेकिन अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण इन ग्राम पंचायतों में विकास का पहिया पूरी तरह रुक गया है।
उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से जिले की 12 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार में शामिल किया गया था। इन ग्राम पंचायतों के शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद यहां के बाशिंदों को लगा कि विकास का पहिया तेजी से घूमेगा, लेकिन यह पहिया फिलहाल पूरी तरह से थम गया है।
इन ग्राम पंचायतों की करीब 46 हजार की आबादी इस समय न तो शहरी सीमा में है और न ही ग्रामीण क्षेत्र में। शासन स्तर से अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण अभी इन इलाकों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। यहां तक कि शासन स्तर से इन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के अधिकार भी समाप्त कर दिए गए हैं। डीपीआर बनवारी सिंह ने बताया कि संशोधित अधिसूचना का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। शासन स्तर से ही अंतिम अधिसूचना जारी होने का इंतजार है।
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जिले की 46,000 की आबादी इस समय न ही शहरी क्षेत्र में है और न ही ग्रामीण क्षेत्र में। यहां के लोग विकास कार्यों के लिए तरस रहे हैं। इन क्षेत्रों में अन्य काम भी रुक गए हैं। नगर पालिका परिषद के सीमा क्षेत्र में जिले की 12 ग्राम पंचायतें शामिल हुई हैं, लेकिन अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण इन ग्राम पंचायतों में विकास का पहिया पूरी तरह रुक गया है।
उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से जिले की 12 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका परिषद के सीमा विस्तार में शामिल किया गया था। इन ग्राम पंचायतों के शहरी क्षेत्र में शामिल होने के बाद यहां के बाशिंदों को लगा कि विकास का पहिया तेजी से घूमेगा, लेकिन यह पहिया फिलहाल पूरी तरह से थम गया है।
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इन ग्राम पंचायतों की करीब 46 हजार की आबादी इस समय न तो शहरी सीमा में है और न ही ग्रामीण क्षेत्र में। शासन स्तर से अधिसूचना जारी नहीं होने के कारण अभी इन इलाकों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। यहां तक कि शासन स्तर से इन ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों के अधिकार भी समाप्त कर दिए गए हैं। डीपीआर बनवारी सिंह ने बताया कि संशोधित अधिसूचना का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। शासन स्तर से ही अंतिम अधिसूचना जारी होने का इंतजार है।
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