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हाथरस : धूल भरी आंधी-बारिश में गिरे खंभे, पेड़ टूटे, बिजली ठप
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
धूल भरी आंधी के बाद शुक्रवार की शाम को हुई बारिश से आमजन को गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन कई स्थानों पर पेड़ टूट गए और होर्डिंग उखड़ गए। शहर से देहात तक कई स्थानों पर काफी बिजली के खंभे टूट गए और विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे जिलेभर का बिजली सिस्टम ध्वस्त हो गया। बिजली विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। आंधी और बारिश से देर शाम तक बिजली गुल थी और विभाग के कर्मी विद्युत लाइनों को सही करने में जुटे थे।
कई दिनों से सूरज की तपिश के चलते गर्मी बढ़ने के कारण लोग पसीने से तरबतर हो रहे थे। गर्मी से बचने के लिए लोग तमाम प्रयास कर रहे थे। शुक्रवार को दोपहर से सूरज व बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चल रहा था। शाम को धूल भरी आंधी आई और उसके बाद बूंदाबांदी हुई। आंधी के दौरान शहर के अलीगढ़ रोड पर तहसील फीडर के नौ खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। आगरा रोड पर गिजरौली फीडर की लाइन के दो खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा ओढ़पुरा सबस्टेशन से निकलने वाली लाइनों के कई स्थानों पर पोल क्षतिग्रस्त हो गए। खंभों के क्षतिग्रस्त होने के कारण लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा देहात के सलेमपुर, महौ, नगला रति, चंदपा, मुरसान, कोटा आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरो की लाइनें व खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इस कारण शहर से देहात तक बिजली सिस्टम धराशाई हो गया।
आंधी थमने के बाद बिजली कर्मी लाइनों व खंभों को सही करने में जुट गए। शहर में कई इलाकों में देर रात तक बिजली गुल रही। वहीं देहात के कई सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों की मरम्मत न होने के कारण पूरी रात लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा। बिना बिजली के लोग जरुरी कामकाज नहीं कर सके। लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। वही कई स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग उखड़ गए। टिनशेड़ भी उड़ गए। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि आंधी बारिश से काफी खंभे व लाइन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसका संबंधित एसडीओ और जेई से आंकलन करने के साथ आपूर्ति को सुचारु कराने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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धूल भरी आंधी के बाद शुक्रवार की शाम को हुई बारिश से आमजन को गर्मी से तो राहत मिली, लेकिन कई स्थानों पर पेड़ टूट गए और होर्डिंग उखड़ गए। शहर से देहात तक कई स्थानों पर काफी बिजली के खंभे टूट गए और विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे जिलेभर का बिजली सिस्टम ध्वस्त हो गया। बिजली विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। आंधी और बारिश से देर शाम तक बिजली गुल थी और विभाग के कर्मी विद्युत लाइनों को सही करने में जुटे थे।
कई दिनों से सूरज की तपिश के चलते गर्मी बढ़ने के कारण लोग पसीने से तरबतर हो रहे थे। गर्मी से बचने के लिए लोग तमाम प्रयास कर रहे थे। शुक्रवार को दोपहर से सूरज व बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चल रहा था। शाम को धूल भरी आंधी आई और उसके बाद बूंदाबांदी हुई। आंधी के दौरान शहर के अलीगढ़ रोड पर तहसील फीडर के नौ खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। आगरा रोड पर गिजरौली फीडर की लाइन के दो खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा ओढ़पुरा सबस्टेशन से निकलने वाली लाइनों के कई स्थानों पर पोल क्षतिग्रस्त हो गए। खंभों के क्षतिग्रस्त होने के कारण लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा देहात के सलेमपुर, महौ, नगला रति, चंदपा, मुरसान, कोटा आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरो की लाइनें व खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इस कारण शहर से देहात तक बिजली सिस्टम धराशाई हो गया।
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आंधी थमने के बाद बिजली कर्मी लाइनों व खंभों को सही करने में जुट गए। शहर में कई इलाकों में देर रात तक बिजली गुल रही। वहीं देहात के कई सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों की मरम्मत न होने के कारण पूरी रात लोगों को बिना बिजली के रहना पड़ा। बिना बिजली के लोग जरुरी कामकाज नहीं कर सके। लोग बिजली आने का इंतजार करते रहे। वही कई स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग उखड़ गए। टिनशेड़ भी उड़ गए। अधीक्षण अभियंता एमपी सिंह का कहना है कि आंधी बारिश से काफी खंभे व लाइन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसका संबंधित एसडीओ और जेई से आंकलन करने के साथ आपूर्ति को सुचारु कराने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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