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हाथरस: लाभार्थी को मृत दिखाकर काट दी पेंशन
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पेंशन के लिए परेशान बुजुर्ग।
- फोटो : SASNI
लाभार्थी को मृत दिखाकर काट दी पेंशन
आरटीआई से मिली सूचना से हुआ लापरवाही का खुलासा
समाज कल्याण अधिकारी ने की सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
सासनी (हाथरस)। पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन में किस हद तक लापरवाही बरती जा रही है, इसका खुलासा हाल ही में एक लाभार्थी को सूचना का अधिकार कानून के तहत मिली सूचनाओं से हुआ है। सत्यापन में लगे कर्मचारियों ने वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी को मृत दर्शाते हुए उसकी पेंशन ही खत्म करा दी। पीड़ित ने कई जगह चक्कर काटे, लेकिन उसे कहीं से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उसने सूचना का अधिकार कानून के तहत समाज कल्याण विभाग से पेंशन नहीं मिलने की वजह पूछी, तब यह लापरवाही सामने आई। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पेंशन का सत्यापन करने वाले कर्मचारी को दोषी मानते हुए कार्रवाई करने के लिए जिला पंचायतराज अधिकारी और जिला विकास अधिकारी को पत्र लिखा है।
दरअसल, ग्राम ऊसवा के माजरा नगला पोपा निवासी पद्म सिंह पुत्र खूबलाल की पेंशन का भुगतान वर्ष 2018-19 में सत्यापन के बाद रोक दिया गया। पद्म सिंह ने प्रशासन से शिकायत की। काफी भटकने के बाद भी केवल इतना बताया गया कि पेंशन काट दी गई है। पूछने पर भी कारण नहीं बताया गया।
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तंग होकर पद्म सिंह ने आरटीआई के तहत सूचना मांगते हुए पेंशन कटने का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि सत्यापन के दौरान पंचायत सचिव शिवकुमार सिंह ने मृत दर्शाकर उनकी वृद्धावस्था पेंशन काट दी है, जबकि लाभार्थी अभी भी जीवित है। समाज कल्याण अधिकारी ने सत्यापन कर्ता के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
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आरटीआई से मिली सूचना से हुआ लापरवाही का खुलासा
समाज कल्याण अधिकारी ने की सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति
सासनी (हाथरस)। पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन में किस हद तक लापरवाही बरती जा रही है, इसका खुलासा हाल ही में एक लाभार्थी को सूचना का अधिकार कानून के तहत मिली सूचनाओं से हुआ है। सत्यापन में लगे कर्मचारियों ने वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थी को मृत दर्शाते हुए उसकी पेंशन ही खत्म करा दी। पीड़ित ने कई जगह चक्कर काटे, लेकिन उसे कहीं से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
उसने सूचना का अधिकार कानून के तहत समाज कल्याण विभाग से पेंशन नहीं मिलने की वजह पूछी, तब यह लापरवाही सामने आई। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने पेंशन का सत्यापन करने वाले कर्मचारी को दोषी मानते हुए कार्रवाई करने के लिए जिला पंचायतराज अधिकारी और जिला विकास अधिकारी को पत्र लिखा है।
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दरअसल, ग्राम ऊसवा के माजरा नगला पोपा निवासी पद्म सिंह पुत्र खूबलाल की पेंशन का भुगतान वर्ष 2018-19 में सत्यापन के बाद रोक दिया गया। पद्म सिंह ने प्रशासन से शिकायत की। काफी भटकने के बाद भी केवल इतना बताया गया कि पेंशन काट दी गई है। पूछने पर भी कारण नहीं बताया गया।
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तंग होकर पद्म सिंह ने आरटीआई के तहत सूचना मांगते हुए पेंशन कटने का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि सत्यापन के दौरान पंचायत सचिव शिवकुमार सिंह ने मृत दर्शाकर उनकी वृद्धावस्था पेंशन काट दी है, जबकि लाभार्थी अभी भी जीवित है। समाज कल्याण अधिकारी ने सत्यापन कर्ता के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।