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हाथरस : जलभराव से दिक्कतें झेल रहे राहगीर
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गांव बहादुर पुर देवकरण के रास्ते भरे पानी से गुजरतीं महिलाएं एवं बच्चे।
- फोटो : SHAPHU
संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
एटा जिले की सीमा से सटे क्षेत्र के गांव बहादुरपुर-देवकरण के ग्रामीणों के लिए उनके गांव तक आवागमन के लिए बनी सड़क परेशानी का सबब बनी हुई है। गांव के लिए जलेसर रोड (मानिकपुर) से पक्का लिंक मार्ग बना हुआ है। गांव में पहुंचने के लिए वहां के ग्रामीणों को एटा जिले के अंतिम गांव भ्याऊं होकर जाना पड़ता है।
जिले का अंतिम गांव होने के कारण यहां अधिकारियों के दौरे भी कम होते है। वहां जाने के लिए बनी सड़क गांव भ्यांऊ में पूरी तरह टूट चुकी है। सड़क टूटने से उसमें बारिश से पहले ही बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। गांव में हर घर में लगी सबमर्सिबल से निकलने वाला पानी इन गड्ढों में भर जाता है।
बारिश के दिनों में तो हालात और भी भयावह हो जाते हैं। लोगों को घुटनों तक पानी में होकर निकलना पड़ता है। भ्याऊं गांव के लोगों के साथ मिलकर बहादुरपुर देवकरण के ग्रामीणों ने दोनों जिलों के अधिकारियों से इस सड़क की मरम्मत कराने के लिए कई बार चक्कर लगाए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने सड़क की मरम्मत का आश्वासन तो दिया, लेकिन मरम्मत नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि जलभराव होने एवं उसमें हुए गहरे गड्ढों में कई राहगीर गिरकर घायल भी हो चुके हैं। अब उनको बीमारी फैलने का भय सता रहा है। दोनों गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि उनकी इस समस्या का समाधान नहीं निकला तो वह सड़क पर उतरकर विरोध करने के लिए मजबूर होंगे।
विरोध करने वालों में भारतीय किसान यूनियन मंडल अध्यक्ष मंगलेश यादव, विजय प्रकाश गुप्ता, डॉ. शिवशंकर यादव, सतीश जाटव, एदल सिंह बघेल, रघुवीर सिंह, गिर्राज यादव, ओमवीर सिंह, संदीप, कायम सिंह, भूरी सिंह, सोपाली यादव, ऊदल सिह आदि थे।
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एटा जिले की सीमा से सटे क्षेत्र के गांव बहादुरपुर-देवकरण के ग्रामीणों के लिए उनके गांव तक आवागमन के लिए बनी सड़क परेशानी का सबब बनी हुई है। गांव के लिए जलेसर रोड (मानिकपुर) से पक्का लिंक मार्ग बना हुआ है। गांव में पहुंचने के लिए वहां के ग्रामीणों को एटा जिले के अंतिम गांव भ्याऊं होकर जाना पड़ता है।
जिले का अंतिम गांव होने के कारण यहां अधिकारियों के दौरे भी कम होते है। वहां जाने के लिए बनी सड़क गांव भ्यांऊ में पूरी तरह टूट चुकी है। सड़क टूटने से उसमें बारिश से पहले ही बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। गांव में हर घर में लगी सबमर्सिबल से निकलने वाला पानी इन गड्ढों में भर जाता है।
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बारिश के दिनों में तो हालात और भी भयावह हो जाते हैं। लोगों को घुटनों तक पानी में होकर निकलना पड़ता है। भ्याऊं गांव के लोगों के साथ मिलकर बहादुरपुर देवकरण के ग्रामीणों ने दोनों जिलों के अधिकारियों से इस सड़क की मरम्मत कराने के लिए कई बार चक्कर लगाए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने सड़क की मरम्मत का आश्वासन तो दिया, लेकिन मरम्मत नहीं हो पाई है। उनका कहना है कि जलभराव होने एवं उसमें हुए गहरे गड्ढों में कई राहगीर गिरकर घायल भी हो चुके हैं। अब उनको बीमारी फैलने का भय सता रहा है। दोनों गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि उनकी इस समस्या का समाधान नहीं निकला तो वह सड़क पर उतरकर विरोध करने के लिए मजबूर होंगे।
विरोध करने वालों में भारतीय किसान यूनियन मंडल अध्यक्ष मंगलेश यादव, विजय प्रकाश गुप्ता, डॉ. शिवशंकर यादव, सतीश जाटव, एदल सिंह बघेल, रघुवीर सिंह, गिर्राज यादव, ओमवीर सिंह, संदीप, कायम सिंह, भूरी सिंह, सोपाली यादव, ऊदल सिह आदि थे।