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हाथरस: सैकड़ों किमी का सफर पैदल तय कर रहे मुसाफिर

Fri, 27 Mar 2020 11:09 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Mar 2020 11:09 PM IST
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Hathras: Passengers traveling for hundreds of km on foot
हाथरस: लॉकडाउन के चलते दूर-दराज से पैदल गांव की दूरी तय करते लोग। - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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कोरोना की दहशत के बीच लगाए गए लॉकडाउन से लोग काफी परेशान हैं। लोग सैकड़ों किमी का पैदल सफर भूखे प्यासे रहकर तय कर रहे हैं। बस उन्हें इसी बात की बेचैनी है कि किसी भी तरह से अपने घर पहुंच जाएं। राजस्थान, मध्यप्रदेश से लेकर हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र तक के लोग जैसे-तैसे गंतव्य तक जाने के लिए अपना सफर तय कर रहे हैं। भूखे प्यासे इन लोगों को न अपने घर जाने की जल्द है। इन्हें कोई वाहन भी नहीं मिल रहा। ऐसे में यह लोग परेशान हैं। हालांकि यहां पुलिस और समाजसेवी इनकी मदद कर रहे हैं और इन्हें खाना उपलब्ध करा रहे हैं।
फर्रुखाबाद निवासी विकास अपने परिवार के सदस्यों के साथ गुडग़ांव में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। लेकिन पिछले काफी दिनों से कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन हो गया है। जिसके कारण फैक्टरी व निजी संस्थान बंद हो गए हैं। ऐसे में बड़े शहरों में इन फैक्टरी व निजी संस्थानों में काम करने वालों के सामने खाने-पीने के सामान को जुटाने की समस्या उत्पन्न हो गई है, क्योंकि प्राइवेट नौकरी में उन्हें इतना की पैसा मिलता है, जितना उसके घर का खर्च है। लेकिन कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन से उसनके पास रुपये नहीं बचे हैं।
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विकास ने यह बताया कि अब दुकान उनसे रुपए मांग रहे हैं। इस कारण अपने गांव जाने के लिए बृहस्पतिवार की सुबह चार बजे गुडग़ांव से पैदल ही निकल पड़े। दो दिन से पैदल चल रहे हैं। ऐसे ही धक्के खाते-खाते फर्रुखाबाद तक पहुंच जाएंगे। विकास ने बताया कि वह अपने परिवार के सात सदस्यों के साथ गुड़गांव से फर्रुखाबाद के लिए पैदल निकला है।
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इसी प्रकार कासगंज निवासी आशीष भी भिवाड़ी में केबल कंपनी में सर्विस करता है। उसे जब अपने घर पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं मिला तो वह पैदल ही परिवार के साथ निकल पड़ा। रास्ते में कहीं उसने टुकड़ों में सफर किया। कहीं पैदल तो कहीं वाहनों में। शुक्रवार को वह भी रास्ते में अपने परिवार सहित मुरसान रोड की ओर से आता दिखा। काफी अन्य लोग भी इसी तरह पैदल ही आते दिखाई दिए।
लॉकडाउन के कारण काम धंधा सब चौपट हो गया है। ऐसे में दूसरे शहर में रहकर घर का खर्चा कैसे चलाएं, इसीलिए वहां से पैदल ही अपने गांव के लिए चल दिए, क्योंकि वाहन की कोई सुविधा है ही नहीं तो ऐसे में पैदल चलने के सिवाय कोई दूसरा चारा भी नहीं है।

-विकास, निवासी फर्रुखाबाद
मजदूरी मिल नहीं रही है। अब खर्च कैसे चलेगा। भूखे प्यासे तो यहां रह नहीं सकते हैं। इसलिए अपने घर जा रहे हैं। सभी जगहों से वाहन भी बंद हैं। यही कारण है पैदल चल रहे हैं। बीमारी फैल रही है तो अपने परिवार के साथ ही जा कर रहेंगे। यही अच्छा है। कम से कम अपने परिवार के साथ तो होंगे।
-राजेश, निवासी फर्रुखाबाद
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