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हाथरस : ओमिक्रॉन, नाइट कर्फ्यू से फीका रहेगा नए साल का जश्न
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हाथरस : बागला जिला अस्पताल में बिना मास्क के लगी मरीजों की लाइन। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
ओमिक्रॉन की दहशत और नाइट कर्फ्यू की वजह से इस साल भी नए साल का जश्न फीका रहेगा। इससे सबसे ज्यादा चिंतिंत होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायी हैं। उनका कहना है कि इन प्रतिबंधों से उनके कारोबार पर काफी असर पड़ा है।
कोरोना की वजह से ठप हुआ होटल व रेस्टोरेंट व्यवसाय गति पकड़ने लगा था। नवंबर से भीड़ बढ़ने लगी थी। नए वर्ष को देखते हुए होटल और रेस्टोरेंट में बुकिंग भी बढ़ने लगी थी। व्यवसाय बढ़ने से होटल व रेस्टोरेंट कारोबारी खुश नजर आ रहे थे। अब ओमिक्रॉन की वजह से नाइट कर्फ्यू और कड़ेे प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। इसकी वजह से एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहे इस व्यवसाय की गति मंद होगी। संवाद
कोरोना से सभी व्यवसायों पर काफी असर पड़ा है। होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है। अब यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि कारोबार अच्छा चलेगा। युवाओं में नए साल के जश्न को लेकर उत्साह भी है, लेकिन अब कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ गया है। नाइट कर्फ्यू लगा हुआ है। ऐसे में होटल-रेस्टोरेंट में ज्यादा कार्यक्रम नहीं होंगे। इससे कारोबार पर असर पड़ेगा।
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-योगेंद्र शर्मा, रेस्टोरेंट संचालक
नए साल में जश्न को लेकर पूरी तैयारी की जा चुकी है। युवा वर्ग में नए साल को लेकर खासा उत्साह है। नए साल पर स्पेशल डिस्क तैयार की गई है। ओमिक्रॉन वायरस को लेकर लगाए गए नाइट कर्फ्यू के चलते रेस्टोरेंट संचालन में परेशानी आ रही है।
-संजय शर्मा, रेस्टोरेंट संचालक
कई महीने से कारोबार मंदा चल रहा था। अब नए साल के जश्न के लिए तैयारी की जा चुकी है। नाइट कर्फ्यू ने नए साल का जश्न फीका होगा। नाइट कर्फ्यू से देर रात तक संचालन नहीं होने से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-अशोक बागला, रेस्टोरेंट संचालक
नाइट कर्फ्यू व ओमिक्रॉन की वजह से लोग शादियों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। कम भीड़ की बाध्यता से शादी विवाह के आयोजक ज्यादा परेशान हैं। व्यवसाय को लेकर जो लोग आते हैं, वह भी अब फोन व ऑनलाइन काम चला रहे है।
- सचिन अग्रवाल, गेस्ट हाउस संचालक
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ओमिक्रॉन की दहशत और नाइट कर्फ्यू की वजह से इस साल भी नए साल का जश्न फीका रहेगा। इससे सबसे ज्यादा चिंतिंत होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायी हैं। उनका कहना है कि इन प्रतिबंधों से उनके कारोबार पर काफी असर पड़ा है।
कोरोना की वजह से ठप हुआ होटल व रेस्टोरेंट व्यवसाय गति पकड़ने लगा था। नवंबर से भीड़ बढ़ने लगी थी। नए वर्ष को देखते हुए होटल और रेस्टोरेंट में बुकिंग भी बढ़ने लगी थी। व्यवसाय बढ़ने से होटल व रेस्टोरेंट कारोबारी खुश नजर आ रहे थे। अब ओमिक्रॉन की वजह से नाइट कर्फ्यू और कड़ेे प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। इसकी वजह से एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहे इस व्यवसाय की गति मंद होगी। संवाद
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कोरोना से सभी व्यवसायों पर काफी असर पड़ा है। होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ा है। अब यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि कारोबार अच्छा चलेगा। युवाओं में नए साल के जश्न को लेकर उत्साह भी है, लेकिन अब कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ गया है। नाइट कर्फ्यू लगा हुआ है। ऐसे में होटल-रेस्टोरेंट में ज्यादा कार्यक्रम नहीं होंगे। इससे कारोबार पर असर पड़ेगा।
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-योगेंद्र शर्मा, रेस्टोरेंट संचालक
नए साल में जश्न को लेकर पूरी तैयारी की जा चुकी है। युवा वर्ग में नए साल को लेकर खासा उत्साह है। नए साल पर स्पेशल डिस्क तैयार की गई है। ओमिक्रॉन वायरस को लेकर लगाए गए नाइट कर्फ्यू के चलते रेस्टोरेंट संचालन में परेशानी आ रही है।
-संजय शर्मा, रेस्टोरेंट संचालक
कई महीने से कारोबार मंदा चल रहा था। अब नए साल के जश्न के लिए तैयारी की जा चुकी है। नाइट कर्फ्यू ने नए साल का जश्न फीका होगा। नाइट कर्फ्यू से देर रात तक संचालन नहीं होने से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
-अशोक बागला, रेस्टोरेंट संचालक
नाइट कर्फ्यू व ओमिक्रॉन की वजह से लोग शादियों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। कम भीड़ की बाध्यता से शादी विवाह के आयोजक ज्यादा परेशान हैं। व्यवसाय को लेकर जो लोग आते हैं, वह भी अब फोन व ऑनलाइन काम चला रहे है।
- सचिन अग्रवाल, गेस्ट हाउस संचालक