न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
आउटसोर्सिंग कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले विकास भवन परिसर में शनिवार को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के जिला और ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कर्मियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार भी शुरू कर दिया है। कर्मियों ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि शासन-प्रशासन के अधिकारियों द्वारा कर्मियों पर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है। पूरे प्रदेश में हो रहे शांतिपूर्वक आंदोलन को कुचलने के लिए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार दुबे को बर्खास्त कर दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष की अविलंब बहाली होनी चाहिए। 12 वीं एवं 18 वीं शासकीय निकाय की बैठक में एनआरएलएम एचआर पॉलिसी में अनुमन्य सुविधाओं को दिया जाए।
इसके अलावा ज्ञापन में सात प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा, प्रोफेशनल्स को शिक्षा भत्ता, लैपटॉप भत्ता, मोबाइल फोन एवं सेल्फ लर्निंग भत्ता दिए जाने, समस्त कर्मचारियों का आउट सोर्सिंग दर्जा समाप्त कर उनका नियमितीकरण (विभागीय संविदा) किए जाने, आउट सोर्सिंग कंपनियों को सुविधा शुल्क के नाम पर प्रति वर्ष दिए जा रहे करोड़ों रुपये की बचत कर राजकोषीय घाटे की प्रतिपूर्ति किए जाने, कर्मचारियों को उनके मूल निवास के नजदीक तैनात किए जाने के लिए ट्रांसफर पॉलिसी तैयार किए जाने, आईपीआरपी समूह सखी, आजीविका सखी, एफएलसीआरपी, एफएनएचडब्ल्यू आईसीआरपी, कृषि संखी, पशु सखी, आईसीआरपी, बैंक सखी के मानदेय में वृद्धि किए जाने, मानदेय का भुगतान सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में किए जाने और विद्युत सखी का कमीशन दो प्रतिशत से बढ़ाकर सात प्रतिशत किए जाने की मांगों का भी जिक्र है। संवाद