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हाथरस: अब गेहूं बेचने वाले किसानों को मिलेगा सीधे पीएफएमएस के जरिये भुगतान
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अब गेहूं बेचने वाले किसानों को मिलेगा सीधे पीएफएमएस के जरिये भुगतान
सीधे शासन स्तर से होगा भुगतान, किसानों को मिलेगी राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अब क्रय केंद्रों पर गेहूं बचने वाले किसानों को सीधे पीएफएमएस के जरिए भुगतान होगा। इसलिए किसानों को केंद्र प्रभारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शासन स्तर से गेहूं खरीद से लेकर भुगतान की मॉनिटरिंग होगी। किसानों को इस सुविधा से काफी राहत मिलेगी।
धान खरीद के बाद अब शासन गेहूं खरीद की कवायद में जुट गया है। गेहूं खरीद को लेकर 54 सेंटर बनाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक वस्तु निगम, पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, मैथर्ड, एग्रो आदि एजेंसियों ने केंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद होगी। खास बात यह है कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल गेहूं खरीद के लक्ष्य मेें बढ़ोत्तरी होगी।
इस बार पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये किसान के खाते में लखनऊ से सीधे भुगतान होगा। किसानों की फाइल को चेक कर पोर्टल पर लोड किया जाएगा। बैंक से यह चेक होगा कि खाता संख्या सही है या नहीं है। लेखाकार कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद किसान के खाते में सीधे भुगतान पहुंच जाएगा। इस मामले में डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि अब पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम से गेहूं बचने वाले किसानों का भुगतान होगा। अभी केंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं।
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सीधे शासन स्तर से होगा भुगतान, किसानों को मिलेगी राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अब क्रय केंद्रों पर गेहूं बचने वाले किसानों को सीधे पीएफएमएस के जरिए भुगतान होगा। इसलिए किसानों को केंद्र प्रभारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शासन स्तर से गेहूं खरीद से लेकर भुगतान की मॉनिटरिंग होगी। किसानों को इस सुविधा से काफी राहत मिलेगी।
धान खरीद के बाद अब शासन गेहूं खरीद की कवायद में जुट गया है। गेहूं खरीद को लेकर 54 सेंटर बनाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक वस्तु निगम, पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, मैथर्ड, एग्रो आदि एजेंसियों ने केंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद होगी। खास बात यह है कि पिछले साल की अपेक्षा इस साल गेहूं खरीद के लक्ष्य मेें बढ़ोत्तरी होगी।
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इस बार पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये किसान के खाते में लखनऊ से सीधे भुगतान होगा। किसानों की फाइल को चेक कर पोर्टल पर लोड किया जाएगा। बैंक से यह चेक होगा कि खाता संख्या सही है या नहीं है। लेखाकार कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद किसान के खाते में सीधे भुगतान पहुंच जाएगा। इस मामले में डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार का कहना है कि अब पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम से गेहूं बचने वाले किसानों का भुगतान होगा। अभी केंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं।
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