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हाथरस : जेल में किसी भी बंदी ने नहीं बताई कोई समस्या
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हाथरस : अलीगढ़ जिला कारागार का निरीक्षण करतीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव। विज्ञप्ति
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जनपद न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने जिला कारागार अलीगढ़ का निरीक्षण किया और सचिव को किसी भी बंदी ने कोई समस्या नहीं बताई।
इस मौके पर जेलर प्रमोद कुमार सिंह ने उन्हें बताया वर्तमान में उच्च न्यायालय में सिद्धदोष बंदियों की अपील योजित करने के लिए कोई भी अपील जनपद हाथरस से संबंधित लंबित नहीं है। उनसे कारागार में निरुद्ध बंदियों की वर्तमान स्थिति में जानकारी ली तो जेलर ने बताया कि वर्तमान में जिले से संबंधित कुल 1266 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 1208 पुरुष, महिलाएं 48, किशोर (18 से 21 वर्ष) 10 व जनपद हाथरस की निरुद्ध महिला बंदियों के साथ तीन बच्चे हैं। सचिव ने पुरुष बंदी व महिला बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।
उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए जेलर को आवश्यक निर्देश दिए। कारागार में निरुद्ध बंदियों से उनकी तारीख पेशी एवं भोजन के संबंध में जानकारी ली। बंदियों से भोजन के बारे में पूछा। इसके अतिरिक्त निरुद्ध बीमार बंदियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में एवं उनको दी जाने वाली दवाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी की। जेलर प्रमोद कुमार ने बताया कि निरुद्ध बंदियों को अपने घर पर बात करने के लिए पीसीओ लगा हुआ है। इसमें 10 फोनों की व्यवस्था की गई है। बंदियों से उनकी समस्या के बारे में पूछा गया तो उनके द्वारा कोई समस्या नहीं बताई गई। संवाद
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जनपद न्यायाधीश श्रीमती मृदुला कुमार के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चेतना सिंह ने जिला कारागार अलीगढ़ का निरीक्षण किया और सचिव को किसी भी बंदी ने कोई समस्या नहीं बताई।
इस मौके पर जेलर प्रमोद कुमार सिंह ने उन्हें बताया वर्तमान में उच्च न्यायालय में सिद्धदोष बंदियों की अपील योजित करने के लिए कोई भी अपील जनपद हाथरस से संबंधित लंबित नहीं है। उनसे कारागार में निरुद्ध बंदियों की वर्तमान स्थिति में जानकारी ली तो जेलर ने बताया कि वर्तमान में जिले से संबंधित कुल 1266 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 1208 पुरुष, महिलाएं 48, किशोर (18 से 21 वर्ष) 10 व जनपद हाथरस की निरुद्ध महिला बंदियों के साथ तीन बच्चे हैं। सचिव ने पुरुष बंदी व महिला बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना।
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उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए जेलर को आवश्यक निर्देश दिए। कारागार में निरुद्ध बंदियों से उनकी तारीख पेशी एवं भोजन के संबंध में जानकारी ली। बंदियों से भोजन के बारे में पूछा। इसके अतिरिक्त निरुद्ध बीमार बंदियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में एवं उनको दी जाने वाली दवाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी की। जेलर प्रमोद कुमार ने बताया कि निरुद्ध बंदियों को अपने घर पर बात करने के लिए पीसीओ लगा हुआ है। इसमें 10 फोनों की व्यवस्था की गई है। बंदियों से उनकी समस्या के बारे में पूछा गया तो उनके द्वारा कोई समस्या नहीं बताई गई। संवाद
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