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32 ग्राम पंचायतों में अनियमितता की जांच अधर में लटकी
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लॉकडाउन के दौरान जिले की 32 ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों में बरती गई अनियमितताओं की जांच अधर में लटकी हुई है। जांच अधिकारियों द्वारा कोरोना की महामारी के चलते गांवों में स्थलीय निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। वहीं शिकायतकर्ता अपनी शिकायतों की जांच कराने के लिए जांच अधिकारियों व डीपीआरओ कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
जिले की ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों में बरती गई अनियमितताओं की शिकायत जिला प्रशासन को समय-समय पर मिलती रही हैं । इन शिकायतों को शपथ पत्रों के माध्यम से लिया जाता है। शासन के निर्देश के क्रम में शपथ पत्रों पर प्राप्त शिकायतों पर जिलाधिकारी द्वारा जांच कमेटी गठित की जाती है । इस जांच कमेटी में जिला स्तरीय अधिकारी को नोडल अधिकारी व निर्माण कार्य की जांच के लिए तकनीकी अधिकारी को नामित किया जाता है । यह जांच कमेटी स्थलीय निरीक्षण कर ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों की हकीकत को परखती है । लॉकडाउन से पहले और लॉकडाउन के दौरान ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने की शिकायतें लगातार जिला प्रशासन को मिलतीे रही हैं। इन शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी द्वारा दो सदस्य जांच कमेटी गठित की गई हैं।
हैरानी की बात यह है कि 32 ग्राम पंचायतों में यह जांच में लटकी हुई है । जांच अधिकारी ग्राम पंचायतों में जाने से कतरा रहे हैं ।इस कारण शिकायतकर्ता जांच अधिकारी व डीपीआरओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने बताया कि सभी जांच अधिकारियों को समय-समय पर जांच पूरी करने और जांच आख्या उपलब्ध कराने के संबंध में रिमाइंडर जारी किया जा रहा है, जिससे कि जल्द से जल्द अग्रिम कार्रवाई- अमल में लाई जा सके।
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जिले की ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों में बरती गई अनियमितताओं की शिकायत जिला प्रशासन को समय-समय पर मिलती रही हैं । इन शिकायतों को शपथ पत्रों के माध्यम से लिया जाता है। शासन के निर्देश के क्रम में शपथ पत्रों पर प्राप्त शिकायतों पर जिलाधिकारी द्वारा जांच कमेटी गठित की जाती है । इस जांच कमेटी में जिला स्तरीय अधिकारी को नोडल अधिकारी व निर्माण कार्य की जांच के लिए तकनीकी अधिकारी को नामित किया जाता है । यह जांच कमेटी स्थलीय निरीक्षण कर ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों की हकीकत को परखती है । लॉकडाउन से पहले और लॉकडाउन के दौरान ग्राम पंचायतों में हुए विकास कार्यों में अनियमितता बरते जाने की शिकायतें लगातार जिला प्रशासन को मिलतीे रही हैं। इन शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी द्वारा दो सदस्य जांच कमेटी गठित की गई हैं।
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हैरानी की बात यह है कि 32 ग्राम पंचायतों में यह जांच में लटकी हुई है । जांच अधिकारी ग्राम पंचायतों में जाने से कतरा रहे हैं ।इस कारण शिकायतकर्ता जांच अधिकारी व डीपीआरओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने बताया कि सभी जांच अधिकारियों को समय-समय पर जांच पूरी करने और जांच आख्या उपलब्ध कराने के संबंध में रिमाइंडर जारी किया जा रहा है, जिससे कि जल्द से जल्द अग्रिम कार्रवाई- अमल में लाई जा सके।
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